प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए देश को संबोधित किया है। ‘मन की बात’ का यह 67वां एपिसोड था।
आपको बता दे कि इस दौरान पीएम मोदी ने कोरोना वायरस, कारगिल विजय दिवस और लॉकडाउन समेत तमाम मुद्दों पर अपनी बात रखी।
आइये पढ़ते है उनके सम्बोधन की 5 बड़ी बाते
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कारगिल का युद्ध जिन परिस्थितियों में हुआ था, वो भारत कभी नहीं भूल सकता.पाकिस्तान ने बड़े-बड़े मनसूबे पालकर भारत की भूमि हथियाने और अपने यहां चल रहे आन्तरिक कलह से ध्यान भटकाने को लेकर दुस्साहस किया था।
अटल बिहारी वाजपेयी का जिक्र करते हुए कहा कि कारगिल युद्ध के समय अटल जी ने लालकिले से जो कहा था, वो, आज भी हम सभी के लिए बहुत प्रासंगिक है।
अटल जी ने, तब, देश को, गांधी जी के एक मंत्र की याद दिलाई थी. महात्मा गांधी का मंत्र था, कि, यद किसी को कभी कोई दुविधा हो, कि, उसे क्या करना, क्या न करना, तो, उसे भारत के सबसे गरीब और असहाय व्यक्ति के बारे में सोचना चाहिए। उसे ये सोचना चाहिए कि जो वो करे जा रहा है, उससे, उस व्यक्ति की भलाई होगी या नहीं होगी।
कोरोना का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि साथियों कोरोना का खतरा टला नहीं है ,कई स्थानों पर यह तेजी से फैल रहा है।
उन्होंने कहा कि हमें कोरोना संक्रमण को लेकर पूरी सावधानी बरतनी है। चेहरे पर मास्क लगाना या गमछे का उपयोग करना, दो गज की दूरी, लगातार हाथ धोना, कहीं पर भी थूकना नहीं, साफ सफाई का पूरा ध्यान रखना-यही हमारे हथियार हैं जो हमें कोरोना से बचा सकते हैं।
पीएम ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से पूरे देश ने एकजुट होकर जिस तरह कोरोना से मुकाबला किया है, उसने, अनेक आशंकाओं को गलत साबित कर दिया है।
आज, हमारे देश में रिकवरी रेट अन्य देशों के मुकाबले बेहतर है, साथ ही, हमारे देश में कोरोना से मृत्यु-दर भी दुनिया के ज्यादातर देशों से काफ़ी कम है।