मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश आज देश का सबसे बेहतर इन्वेस्टमेंट फ्रेंडली स्टेट बनकर उभरा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में मध्यप्रदेश, देश में सर्वाधिक निवेश प्राप्त करने वाला तीसरा राज्य बना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश अनंत संभावनाओं का केंद्र है और यहां निवेश हर दृष्टि से लाभकारी सिद्ध हो रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को पिंक सिटी जयपुर में आयोजित राजस्थान डिजीफेस्ट-TIE ग्लोबल समिट 2026 में मध्यप्रदेश सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने निवेशकों और उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। समिट में राजस्थान के उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा भी उपस्थित रहे। इस प्रतिष्ठित वैश्विक आयोजन में मध्यप्रदेश सरकार स्टेट पार्टनर के रूप में सहभागिता कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का सबसे युवा राज्य है और यह टाइगर स्टेट, चीता स्टेट, फॉरेस्ट स्टेट, मिनरल स्टेट और बिजली सरप्लस स्टेट के रूप में अपनी अलग पहचान रखता है। देश के मध्य में स्थित होने के कारण मध्यप्रदेश व्यापार, उद्योग, स्टार्ट-अप और निर्यात के लिए एक आदर्श केंद्र बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश के लिए प्राकृतिक संसाधन, उद्योग-अनुकूल नीतियां, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और सहयोगी सरकार का मजबूत आधार मौजूद है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 18 नई उद्योग-अनुकूल नीतियां, विस्तृत लैंड बैंक, भरपूर जल संसाधन, स्किल्ड मानव संसाधन, उत्कृष्ट लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी और पारदर्शी प्रशासन निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं। सरकार शासकीय प्रक्रियाओं को सरल, सहज और सहयोगी बनाकर ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को लगातार बेहतर कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि होटल, हॉस्पिटल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन, सेमीकंडक्टर, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, फार्मा, आईटी, पेट्रोकेमिकल्स और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे सभी प्रमुख क्षेत्रों में निवेश के लिए आकर्षक प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों की शुरुआत से स्वास्थ्य सेवाओं को गति मिलेगी और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि मध्यप्रदेश सरकार दीर्घकालिक साझेदारी के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अपने आइडिया को जमीन पर उतारिए, हमारी सरकार हर कदम पर आपके साथ है। निवेश के साथ-साथ शिक्षा, अनुसंधान, संस्कृति, कौशल विकास, अवसंरचना और पर्यटन में भी साझेदारी के लिए उन्होंने उद्योग जगत को आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश के सभी राज्यों को आगे बढ़ने का समान अवसर मिल रहा है। वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है। औद्योगिक विकास से रोजगार सृजन होता है और समाज के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है, जहां 250 से अधिक नदियां बहती हैं। राजस्थान के साथ जल बंटवारे का वर्षों पुराना विवाद सुलझाते हुए पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) परियोजना पर काम शुरू किया गया है। साथ ही उत्तरप्रदेश के साथ केन-बेतवा और महाराष्ट्र के साथ ताप्ती ग्राउंड वाटर रिचार्ज मेगा परियोजना पर भी संयुक्त रूप से कार्य हो रहा है।

समिट के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सीईओ, निवेशकों और वैश्विक उद्योग प्रतिनिधियों के साथ वन-टू-वन बैठकें कर मध्यप्रदेश में रणनीतिक निवेश और दीर्घकालिक सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। आईटी, एआई, डेटा सेंटर्स, रिन्यूएबल एनर्जी, मैन्युफैक्चरिंग, फिनटेक, इंफ्रास्ट्रक्चर और सर्कुलर इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में निवेश को लेकर सकारात्मक माहौल देखने को मिला।
समिट में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश की नीतियों, प्रशासनिक सहयोग, कुशल मानव संसाधन और लागत-प्रभावशीलता की सराहना की। निवेशकों ने माना कि मजबूत सरकारी समर्थन और विश्वसनीय इको-सिस्टम के कारण मध्यप्रदेश आज निवेश और सतत विकास के लिए देश के सबसे उपयुक्त राज्यों में शामिल हो चुका है।