{ श्री अचल सागर जी महाराज की कलम से }
अगर आप पुनर्जन्म के सिद्धांत में विश्वास रखते है तो आप इस बात को मानेगे की इस संसार जो भी अच्छा बुरा आप भोग रहे है वो सब आपके कर्मों का ही नतीजा है।
स्वास्थ्य बिगड़ जाना एक अलग बात है लेकिन इतना तय है कि आपको इस प्रकृति के अनुसार अपने शरीर का ध्यान रखना चाहिए।
एक अच्छी दिनचर्या से आप स्वस्थ रहते है क्यूंकि जीवन का सिस्टम प्रकृति पर आधारित है। लेकिन कई बार आलस्य, सोने का आनंद और गलत खान पान से हम शरीर को नष्ट कर देते है।
मानव का कर्म है कि वो ऐसी दिनचर्या का पालन करे जो उसे अच्छा रखने में उसकी मदद करे। जो उसके शरीर को बेहतर करें।

क्यूंकि ऐसा अगर आप नहीं करेगे तो बीपी और मधुमेह जैसी बीमारी आपके शरीर को नष्ट कर सकती है।
इसलिए आपसे निवेदन है कि आज ही आप संकल्प ले की एक अच्छी बेहतर दिनचर्या का आप पालन करेंगे ताकि आपका शरीर स्वस्थ रहे और आपको कोई बीमारी नहीं हो।
अगर आपको शरीर को वास्तविक सुख लेना है तो उसे थोड़ा कष्ट तो देना ही पड़ेगा।
आप जितना हो सके संतुलित भोजन का इस्तेमाल करें। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा की आपके शरीर को पौष्टिक आहार मिलता रहेगा।
फलों का सेवन करे। शाकाहारी बने। व्यायाम और योग की आदत डाले ताकि आप स्वस्थ रह सके।