नई दिल्ली : पिछले साल देश में कोरोना महामारी को लेकर लगने वाले लॉकडाउन कई लोगों की जिंदगियां बर्बाद कर दी। कईयों की नौकरी चली गई, कई लोग घर जाने के दौरान सड़क हादसे में मारे गये तो कईयों ने सुसाइड कर लिया। वही कुछ लोग ऐसे भी थे जो इस महामारी और लॉकडाउन के बीच भी परिवार को पालने की जुगत में थे। लेकिन यह जुगत इस शख्स को भारी पड़ गया, जिस कारण अब इस शख्स की पत्नी उससे तलाक चाहती है।

आपको बता दें कि यह मामला बेंगलुरू का है। दरअसल, 24 वर्षीय महिला की मुलाकात जॉब के दौरान एक शख्स से हुई और कुछ समय बाद 2017 के बीच बीपीओ के कार्यालय कैंटीन में शादी कर ली। इसके बाद दोनों की जिंदगी सुकून से चल रहीं थीं। लेकिन कोविड-19 के कारण लगे लॉकडाउन ने इस परिवार की हंसती-खेलती जिंदगी बर्बाद कर दी। क्योंकि इस लॉकडाउन के कारण 27 वर्षीय पति ने अपनी नौकरी खो दी और काम की तलाश शुरू कर दी।
इस दौरान अचानक पत्नी ने पति के व्यवहार में असामान्य बदलाव देखा क्योंकि उसका पति अपने लैपटॉप और मोबाइल फोन के साथ बेहद व्यस्त था। पति ने उन जगहों पर अचानक से और अस्पष्ट दौरे करना शुरू कर दिया जिनके बारे में वह पत्नी को सही तरीके से कुछ बताते नहीं थे।

नवंबर के बीच में जब पत्नी को ऐसी चीजें संदिग्ध लगीं तो उसने अपने भाई की मदद ली। भाई ने पति का लैपटॉप खोला तो उसमें एक सीक्रेट फोल्डर मिला जिसमें उसके पति की कई नग्न तस्वीरें थीं और उसके पास अर्द्ध-नग्न महिलाओं की सेल्फी थीं।
तब यह पता चला कि उसका पति एक पुरुष एस्कॉर्ट के रूप में 3,000 रुपये से 5,000 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से काम कर रहा था और शहर में उसके कई ग्राहक थे। इस बाबत जब पत्नी ने पति से पूछताछ की तो पहले पति ने इस बात इंकार किया कि वह जिगोलो है लेकिन जब पत्नी अपने दोस्तों की मदद से मल्लेश्वरम पुलिस स्टेशन में महिला हेल्पलाइन पर पहुंची तो पति ने आखिरकार स्वीकार किया कि वह जिगोलो बन गया है।
हालांकि इस मामले के सामने आने के बाद पति यह काम छोड़ने के लिए तैयार था और तरीके से काम करने लगा था, लेकिन पत्नी इस बात पर अड़ी थी कि वह अब पति के साथ नहीं रहना चाहती है। आपको बता दें कि अब इस दंपति ने शहर की अदालत में आपसी सहमति से तलाक की अर्जी दायर की है।