चीन के वुहान में कई भारतीय फंसे हुए हैं, जिसे लेकर सरकार ने इन्हें वापस बुलाने का फैसला किया है। देश वापस लौटने वाले इन भारतीयों की जांच के लिए सेना ने बड़ी तैयारी की है। हरियाणा के मानेसर में सेना ने एक केंद्र बनाया है।
देश वापस लौट रहे सभी यात्रियों की पहले हवाईअड्डे पर जांच की जाएगी उसके बाद उन्हें मानेसर स्थित केंद्र पर ले जाया जाएगा। अगर किसी के कोरोना वायरस से ग्रसित होने की आशंका होगी तो उसे दिल्ली कैंट स्थित अस्पताल के बने एक अलग वॉर्ड में शिफ्ट किया जाएगा।
चीन के वुहान में करीब 600 भारतीय फंसे हुए हैं और उन्होंने सरकार से अपील की थी कि उन्हें वहां से निकाला जाए। भारत ने वुहान में फंसे लोगों को निकालने के लिए एयर इंडिया की बी 747 विमान को रवाना भी कर दिया है। इस विमान में स्वास्थ्य विशेषज्ञों की एक टीम भी मौजूद है।
कोरोना वायरस के संक्रमण से पूरी दुनिया में इसके खौफ का माहौल बना हुआ है। विंदेश मंत्रालय ने जानकारी दी थी कि कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित चीन के यूबेई प्रांत में 600 से ज्यादा भारतीयों ने वहां से निकलने के लिए संपर्क किया है। चीन में अब तक कोरोना ने 213 लोगों की जान ले लही है और अब तक 10,000 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं।
गुरुवार को ही भारत में चीन के राजदूत ने सलाह दी थी कि भारत को अपने नागरिकों को वापस बुलाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा था कि शांति बनाए रखें और घबराने की जरूरत नहीं है। वहीं दूसरे देश जैसे अमेरिका और जापान वुहान से अपने नागरिकों को एयरलिफ्ट कर रहे हैं।
गौरतलब हो कि भारत में भी कोरोना वायरस का एक मामला सामने आया है, वुहान विश्विद्यालय में मेडिकल की पढ़ाई कर रही एक छात्रा हाल ही में देश वापस लौटी है और उसमें कोरोना वायरस का संक्रमण पाया गया है। जिसके बाद राज्य की स्वास्थ मंत्री के. के. शैलजा ने यहां मेडिकल कॉलेज अस्पताल में गुरुवार देर रात उच्च स्तीरीय बैठक की। कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए मरीज को अलग वार्ड में रखा गया है। वहीं, अब भारत में कई और जगहों पर भी कई लोग कोरोना वायरस से ग्रसित लोग पाए गए हैं।