एलआईसी (भारतीय जीवन बीमा निगम लि.) शेयरों में बड़ी रकम का निवेश करती है. शेयरों में एलआईसी के निवेश की वैल्यू सितंबर तिमाही में 77 अरब डॉलर (5.7 लाख करोड़ रुपये) कर गई. चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में इसमें 40 प्रतिशत से अधिक की तेजी आई है.
तेजी के बावजूद शेयरों में एलआईसी के निवेश की वैल्यू मार्च 2018 तिमाही के मुकाबले कम है. साल 2018 की मार्च तिमाही में शेयरों में एलआईसी के निवेश की वैल्यू 84 अरब डॉलर थी. ब्रोकरेज फर्म कोटक इंस्टीट्यूशनल सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2000 में समाप्त तिमाही में एलआईसी के पास उपलब्ध शेयरों का मूल्य केवल 4 अरब डॉलर था.
मार्च 2000 में बीएसई का बाजार पूंजीकरण केवल 102 अरब डॉलर था. वर्ष 2010 में एलआईसी के पास उपलब्ध इक्विटी का मूल्य बढ़कर 59 अरब डॉलर हो गया, जबकि बीएसई का बाजार पूंजीकरण 1,140 अरब डॉलर था. उसके बाद से एलआईसी के पोर्टफोलियो मूल्य में लगातार वृद्धि हो रही है. यह मार्च 2018 में रिकॉर्ड 84 अरब डॉलर पहुंच गया था. उस दौरान शेयरों का बाजार पूंजीकरण 1,670 अरब डॉलर था.
रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2019 में बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 1,800 अरब डॉलर पहुंच गया. उस समय एलआईसी के शेयर पोर्टफोलियो का मूल्य 81 अरब डॉलर था. अब जब एलआईसी के पास उपलब्ध शेयरों का मूल्य 77 अरब डॉलर है, बीएसई सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 1,770 अरब डॉलर था.
दूसरी तिमाही के अंत में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की हिस्सेदारी बीएसई-200 सूचकांक में बढ़कर 415 अरब डॉलर हो गयी, जो पहली तिमाही में 360 अरब डॉलर थी. इसमें एडीआर (अमेरिकन डिपोजिटरी रिसीट) और जीडीआर (ग्लोबल डिपोजिटरी रिसीट) शामिल हैं. बीएसई 200 सूचकांक देश के बाजार पूंजीकरण का 84 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है.
इस साल सितंबर तिमाही के दौरान एफपीआई ने बाजार में 46,900 करोड़ रुपये निवेश किया है. इससे एफपीआई की बीएसई-200 सूचकांक में हिस्सेदारी 23.3 प्रतिशत पहुंच गयी. ब्रोकरेज फर्म की रिपोर्ट के अनुसार, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) की हिस्सेदारी दूसरी तिमाही में बीएसई-200 सूचकांक में घटकर 13.6 प्रतिशत पर आ गयी, जबकि पहली तिमाही में यह 14 प्रतिशत थी. डीआईआई ने अप्रैल से 63,500 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे थे.