मामला कुशीनगर जनपद के तमकुहीराज तहसील के नरहवा का है जहां पिछले कई सालों से अचरज दुबे गांव में शराब की दुकान चलती आ रही है।
दुकान खोलने के लिए विभाग के द्वारा बकायदे टेंडर किया गया, टेंडर होने के बावजूद दुकान अचरज दुबे में खुलना चाहिए था लेकिन मानक को ताख पर रखकर ठेकेदार द्वारा दूसरे स्थान पर खोल दिया गया।
ग्रामीणों को जब इसकी जानकारी हुई तो विरोध करना शुरु कर दिए और ग्रामीण और विभाग का मानना भी है कि नरहवा गांव पेपर में है ही नही तो फिर नरहवा में शराब की दुकान खुली कैसे ?
दुकान जहाँ पहले से चली आ रही थी वही खुलना चाहिए ! आबकारी विभाग की इस बड़ी लापरवाही के चलते ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।
ग्रामीणों के मुताबिक आये दिन वहा से गुजर रहे राहगीरो और लड़कियों के साथ छेड़छाड़ का मामला आता रहता है जिससे हम ग्रामीण बहुत काफी परेशान है।
मानक को ताख पर रखकर खोले गए शराब की दुकान के संदर्भ में जब जिला आबकारी अधिकारी से पूछा गया की गई कि जब राजस्व की सूची में गांव नही तो फिर कैसे खुल गई शराब की दुकान और नियम विरुद्ध कैसे खोला गया दुकान ?
इस पर आबकारी अधिकारी ने बताया कि पहले ऐसा शिकायत नही था लेकिन अब कैसे खुल गई वो इस पर जांच करेंगे।