रिपोर्ट: सत्यम दुबे
नई दिल्ली: नोएडा के बहुचर्तित निठारी कांड में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने 319 दिन की सुनवाई के बाद सुरेंद्र कोली नाम के व्यक्ति को दोषी करार दिया है। आपको बता दें कि दोषी को एक युवती से दुष्कर्म और हत्या से जुड़े 12वें केस में दोषी करार दिया गया। विशेष न्यायाधीश अमित वीर सिंह की अदालत में सुबह 11 बजे डासना जेल से सुरेंद्र कोली को पेश किया गया। सजा पर बहस के बाद विशेष अदालत ने युवती को अगवा कर दरिंदगी और हत्या के मामले में दोषसिद्ध सुरेंद्र कोली को फांसी की सजा सुनाई। अदालत ने उस पर एक लाख 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
सुनवाई के बाद पुलिस जब दोषी को जेल ले जा रही थी, उस वक्त सुरेंद्र ने सुरक्षा कर्मियों से कहा कि मेरे नसीब में फांसी ही है। इससे पहले सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक जे.पी. शर्मा ने बताया कि शुक्रवार को अदालत ने पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर सुरेंद्र कोली को दोषी ठहराया था। शनिवार को विशेष अदालत ने सजा के बिंदु पर कोली के किए कुकृत्य को गंभीरतम श्रेणी का अपराध मानते हुए उसे फांसी की सजा सुनाई है।
इतना ही नहीं उसके उपर 1.10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। आपको बता दें कि निठारी कांड में कुल 17 मामले दर्ज हैं। विशेष अदालत से इसमें 12 मामले में फैसला सुनाया गया है। सभी मामलों में अदालत ने उसे फांसी की सजा सुनाई है।
साल 2006 में दिल दहला देने वाली एक सनसनी खेज मामले का खुलासा हुआ था। जिसमें पुलिस ने कुल 17 मामले दर्ज किये थे। इन 17 मामलों में से 12 मामलों में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट भले ही फैसला सुना चुकी हो, लेकिन इसी कांड में 5 मामले अब भी कोर्ट में विचाराधीन हैं।
वहीं इन मामलों में भी अभी फैसला आना बाकी है। इसके साथ ही निठारी कांड से जुडे़ तीन मामले ऐसे भी हैं, जिन में आज तक कोई पर्दा नहीं उठ सका। कई महीनों की जांच के बाद जब इन तीन मामलों में कोई सबूत नहीं मिला तो सीबीआई ने इनमें अपनी क्लोजर रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल कर दी थी।