नई दिल्ली : ऑक्सीजन की कमी से लोगों का मरना कोई नई बात नहीं है, क्योंकि लगातार पिछले कई दिनों से ऑक्सीजन और दवा की कमी के कारण मरीजों के मौत होने की खबर आती रही है। जिसे लेकर सुप्रीम कोर्ट भी सख्त रवैया अपना रहा है। लेकिन सरकारें है कि जल्द सुनने का नाम नहीं ले रही और जब तक वो लेती है, तब तक कई लोग अपनी जान गंवा चुके होते है।
एक ऐसी ही खबर, कर्नाटक के चामराजनगर से सामने आई है। जहां अस्पताल प्रशासन की लापरवाही की वजह से 24 लोगों की जान चली गई। वहीं अस्पताल प्रशासन इन तमाम मुद्दों पर खुद को बचाता नजर आ रहा है और इसे अन्य कारणों से मौत होने की खबर बता रहा है। बताया जा रहा है कि चामराजनगर जिला अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी पहले भी कही गई थी।

यहां ऑक्सीजन की आपूर्ति मैसूर से होती है। लेकिन समय पर ऑक्सीजन न पहुंचने के कारण इन 24 लोगों ने अपनी जान गवां दी। जिला प्रशासन का कहना है कि मैसूर से ऑक्सीजन नहीं पहुंचा। इस वक्त मैसूर में ऑक्सीजन की डिमांड देखते हुए दूसरे जिलों को ऑक्सीजन आपूर्ति देरी से या बिलकुल ही नहीं हो पा रही।
पूरी घटना के बाद 60 सिलेंडर अस्पताल पहुंचे
हालांकि जिला प्रशासन का कहना है कि कई अन्य बिमारी के कारण इनकी मौत हुई। लेकिन अस्पताल से आए विजुअल्स ये साफ करते हैं कि किस तरह प्रशासन की लापरवाही ने 24 मासूमों की जान ले ली. पूरी घटना के बाद अब 60 सिलेंडर अस्पताल पहुंच चुके हैं।
इस घटना के बाद मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कल कैबिनेट की आपात बैठक बुलाई है। विपक्ष कांग्रेस ने इस पूरे मुद्दे को उठाते हुए येदियुरप्पा पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि कोविड-19 को लेकर सरकार के पास कोई योजना नहीं है।
बीते 24 घंटे में 37 हजार से अधिक नए मामए आए सामने
बता दें कि, कर्नाटक में पिछले 24 घंटे में 37 हजार 733 नए मामले दर्ज हुए हैं। वहीं, इस महामारी की चपेट में आकर 217 लोगों ने अपनी जान गवां दी है। वहीं कुल आंकड़ों की बात करें तो राज्य में कोरोना संक्रमितों का कुल आंकड़ा 16 लाख 1 हजार से अधिक जा पहुंचा है तो वहीं, 16 हजार लोगों की मौत हो चुकी है।