रिपोर्ट: नंदनी तोदी
अमेठी: देश में कृषि कानून को लेकर जमकर प्रदर्शन चल रहा है। वहीं 26 जनवरी को दिल्ली के लाल क़िले में हुए हिंसक प्रदर्शन पर कई बड़े नेताओं और अभिनेताओं ने भी अपना पक्ष रखा था। ठीक वैसे ही बॉलीवुड की क्वीन जो अपने बेबाकी से जानी जाती है उन्होंने कुछ ऐसा कह डाला जिसके बाद महिलाओं ने उनका पुतला जला दिया।
दरअसल, धरना-प्रदर्शन करने वाले लोगों को कंगना ने आतंकवादी बता दिया था। कंगना के इस विवादित बयान के बाद अब किसानों का गुस्सा भड़क गया है। जिसके बाद अमेठी में महिलाओं ने कंगना के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया और उनका पुतला फूंका।
इसी पर समिति की अध्यक्ष रीता सिंह ने बताया कि राष्ट्रपति के नाम हम लोगों ने ज्ञापन दिया है। बॉर्डर पर हमारे देश के किसान बैठे हैं और सरकार द्वारा तरह तरह की रणनीति बनाकर उनको प्रताड़ित किया जा रहा है।
रीता सिंह ने कहा कि हम लोग काफी आक्रोशित हैं, क्योंकि जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल कंगना ने किया है, ये लोग हमारे देश के अन्नदाताओं को आतंकवादी बोल रहे है और भाजपा सरकार में जितने भी नचनिया हैं वो सब सामने आ रहे हैं।
उन्होंने अपना गुस्सा ज़ाहिर करते हुए कहा कि, हमारे देश के किसानों को इस तरीके से अपमानित कर रहे हैं उन्हें आतंकवादी कह रहे हैं। हमारे देश के किसान ने अन्नदाता अनाज पैदा करते हैं। कड़ी मेहनत करते हैं उनके लिए इस तरीके का शब्द बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि कंगना रनौत को चाहिए कि वह नाच गाना कर अपना पेट पाले ना कि वो नाच गाना करने वाले लोग हमारे किसानों को आतंकवादी कहें। इसलिए हम लोग कंगना को चेतावनी दे रहे हैं अगर वो अपनी जुबान नहीं बंद करेंगी तो जगह-जगह उनके पुतले फूंके जाएंगे और इसके लिए बहुत बड़ा आंदोलन किया जाएगा।