झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के बाद उन्होंने पत्रकारों को बताया कि, 13 साल पहले उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से नाराज होकर एक नई पार्टी बना ली थी। वहीं वह अब बीजेपी के साथ विलय करना का ऐलान कर सकते है।
साथ ही उन्होंने बताया कि, 17 फरवरी को गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए झारखंड आएंगे। इस दौरान वह अपनी पार्टी झाविमो को बीजेपी के साथ विलय करने की घोषणा कर देंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि, बीजेपी देश की एक लोकप्रिय पार्टी बन चुकी है और देशवासियों को मोदी सरकार द्वारा किए गए काम से बेहद खुश है।
जिस तरह से लोकसभा में बीजेपी सरकार को प्रचंड बहुमत मिली है उसे देखकर साफ पता चलता है की, लोग मोदी सरकार द्वारा किए गए देश के विकास कार्यों से संतुष्ट है। बता दें कि, पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी आरएसएस के पूर्व नेता रहे चुके हैं।
साल 2006 में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से अलग होकर उन्होंने नई पार्टी झाविमो बना ली थी। हालांकि उनकी पार्टी का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा और स्थिति खराब होती चली गई। वहीं पार्टी के कई नेताओं ने भी पार्टी छोड़ दी थी, या फिर कई कार्यकर्ताओं को पार्टी से निकल दिया गया था। 2009, 2014 और 2019 के झारखंड विधानसभा चुनाव में पार्टी को 11, आठ और तीन सीटों पर ही जीत मिली।
आपको बता दें कि, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बीजेपी और झाविमो में विलय होने के बाद बाबूलाव मरांडी को बीजेपी झारखंड में बड़ी जिम्मेदारी सौंप सकती है।