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बड़वानी में बिना नंबर की ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का बढ़ता खतरा, हादसे में 5 साल की बच्ची घायल

बड़वानी में बिना नंबर प्लेट, लाइट और रिफ्लेक्टर वाली ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के संचालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ताजा हादसे में 5 वर्षीय बच्ची ट्रैक्टर की चपेट में आकर घायल हो गई। पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर चालक को अभिरक्षा में लिया है और जांच जारी है।

By: Nivedita 
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बड़वानी में बिना नंबर की ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का बढ़ता खतरा, हादसे में 5 साल की बच्ची घायल

बड़वानी: जिले में कृषि कार्य के लिए इस्तेमाल होने वाले कई ट्रैक्टर-ट्रॉली व्यावसायिक परिवहन में लगाए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर बिना नंबर प्लेट, पर्याप्त लाइट और रिफ्लेक्टर के ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के सड़क पर चलने की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे वाहनों की मौजूदगी सड़क सुरक्षा के लिए चुनौती बन रही है।

ट्रैक्टर की चपेट में आई 5 साल की बच्ची

शहर में बुधवार दोपहर करीब 3:45 बजे एक सड़क हादसे में 5 वर्षीय बच्ची ट्रैक्टर की चपेट में आ गई। घटना महाजन बुक स्टोर्स के पास कारंजा मार्ग की बताई गई है। जानकारी के अनुसार, लाल रंग का महिंद्रा B275-DI DLX ट्रैक्टर बच्ची से टकरा गया। हादसे में ट्रैक्टर का पहिया उसके बाएं पैर पर चढ़ गया। बच्ची के सिर, नाक और दोनों हाथों में भी चोटें आई हैं। उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज जारी है। घटना के बाद मौके पर मौजूद गणेश पंडाल के सदस्यों अक्षय सोलंकी और मनीष डुडवे ने मदद की। पुलिस के मुताबिक हादसे के बाद चालक के खिलाफ FIR दर्ज की गई है और उसे अभिरक्षा में लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।

रेत और निर्माण सामग्री के परिवहन में इस्तेमाल का आरोप

स्थानीय लोगों के अनुसार, जिले में बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का इस्तेमाल रेत, मिट्टी, गिट्टी और ईंट जैसी निर्माण सामग्री के परिवहन में किया जा रहा है। आरोप है कि कुछ वाहन कृषि उपयोग के बजाय व्यावसायिक परिवहन में लगाए जा रहे हैं। बिना उचित नंबर प्लेट और अन्य जरूरी सुरक्षा व्यवस्थाओं के सड़क पर चलने वाले वाहनों को लेकर स्थानीय लोगों ने कार्रवाई की मांग उठाई है।

 

बिना रिफ्लेक्टर और लाइट के रात में बढ़ता जोखिम

ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में पीछे की लाइट, इंडिकेटर और रेडियम रिफ्लेक्टर की कमी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। रात के समय ऐसे वाहनों को पीछे से आने वाले वाहन चालकों के लिए पहचानना मुश्किल हो सकता है, जिससे टक्कर का खतरा बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही भी कई मार्गों पर देखी जाती है। बड़दा, नंदगांव, राजघाट रोड, अंजड़ रोड, कारंजा मार्ग और चुना भट्टी मार्ग का नाम स्थानीय लोगों ने ऐसे आवागमन वाले क्षेत्रों के तौर पर बताया है।

सड़क हादसों के आंकड़ों को लेकर चिंता

स्थानीय स्तर पर उपलब्ध आंकड़ों में जिले में हर साल बड़ी संख्या में सड़क दुर्घटनाएं होने की बात कही जा रही है। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से जुड़े हादसों को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। हालांकि, इन हादसों में बिना नंबर वाली ट्रॉलियों की हिस्सेदारी से जुड़े आंकड़ों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।

नियमों के पालन और कार्रवाई की मांग

बिना नंबर प्लेट, बीमा, पंजीकरण और अन्य आवश्यक दस्तावेजों के वाहनों के संचालन पर मोटर वाहन कानून के तहत कार्रवाई का प्रावधान है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की नियमित जांच के साथ सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए। ताजा हादसे में पुलिस ने FIR दर्ज कर चालक को अभिरक्षा में लिया है। अब जांच के आधार पर हादसे की परिस्थितियों और वाहन से जुड़े दस्तावेजों की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

 

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