Parliament Monsoon Session : लोकसभा ने मंगलवार को गुवाहाटी में भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) की स्थापना के लिए एक महत्वपूर्ण विधेयक पारित किया। यह कदम पूर्वोत्तर क्षेत्र में उच्च शिक्षा और प्रबंधन शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) विधेयक, 2025 के तहत केंद्र सरकार इस परियोजना के लिए 550 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगी। गुवाहाटी में आईआईएम की स्थापना से शिलांग के बाद पूर्वोत्तर में दूसरा प्रबंधन संस्थान विकसित होगा, जो इस क्षेत्र के युवाओं को उत्कृष्ट शिक्षा और शोध के अवसर प्रदान करेगा।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विधेयक को लोकसभा में पेश किया। विधेयक पेश करते समय विपक्ष ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे को उठाते हुए विरोध किया। हालांकि, विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। विधेयक पारित होने के बाद लोकसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। इससे यह स्पष्ट होता है कि केंद्र सरकार पूर्वोत्तर क्षेत्र में उच्च शिक्षा को प्रोत्साहित करने और IIM जैसे प्रतिष्ठित संस्थान स्थापित करने के लिए गंभीर है।
साथ ही, राज्यसभा ने खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 में संशोधन करने वाले विधेयक को पारित किया। यह विधेयक कोयला और खनिज संसाधनों के विकास और विनियमन में सुधार के लिए पेश किया गया। इसे लोकसभा में मंत्री जी किशन रेड्डी की तरफ से पेश किया गया और राज्यसभा में विचार और पारित कर दिया गया। यह कदम खनिज क्षेत्र में पारदर्शिता, दक्षता और निवेश को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इन विधेयकों के पारित होने से न केवल शिक्षा और खनिज क्षेत्र में सुधार की संभावना बढ़ी है, बल्कि पूर्वोत्तर क्षेत्र और देश के संसाधन प्रबंधन में भी नई संभावनाओं के द्वार खुले हैं। गुवाहाटी में IIM की स्थापना, क्षेत्रीय युवाओं के लिए अवसर और उच्च शिक्षा में गुणवत्ता को बढ़ाएगी। वहीं, खान एवं खनिज अधिनियम में सुधार खनिज क्षेत्र में बेहतर नियमन, निवेश और रोजगार के अवसर सुनिश्चित करेगा। यह दोनों कदम केंद्र सरकार की आर्थिक और शैक्षिक नीतियों को मजबूती प्रदान करते हैं।