नई दिल्ली: सपा सुप्रीमो अखिलेश के बाद अब सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने भी बड़ा बयान दिया है। और उन्होंने अखिलेश के सुर में सुर मिलाया। आपको बता दें कि अखिलेश यादव ने एक सभा में जिन्ना को लेकर बयान दिया था। इसे लेकर काफी विवाद हुआ था। जब इसी से जुड़ा सवाल राजभर से किया गया तो जानिए उन्होंने क्या कहा।
राजभर ने कहा कि, अगर जिन्ना को देश का पहला प्रधानमंत्री बना दिया होता, तो देश का बंटवारा न हुआ होता। उन्होंने आगे कहा कि, अटल बिहारी वाजपेई से लेकर लालकृष्ण आडवाणी तक जिन्ना की तारीफ किया करते थे, इसलिए उनके विचारों को भी पढ़िए।
सवाल पूछने पर भड़के राजभर
जब पत्रकारों ने विचारों से जुड़ा उनसे सवाल पूछा तो वे भड़क गए। उन्होंने कहा कि, जिन्ना के अलावा आप लोग महंगाई का सवाल क्यों नहीं पूछते। यह सारा कुछ भारतीय जनता पार्टी की वजह से हो रहा है। भारतीय जनता पार्टी से हिंदू मुसलमान और भारत-पाकिस्तान हटा दीजिए तो उनकी जुबान बंद हो जाती है।
गौरतलब है कि, राजभर की पार्टी ने अखिलेश यादव की पार्टी सपा के साथ गठबंधन का ऐलान किया है। जिससे दोनों पार्टियां आगामी चुनाव में साथ मिलकर लड़ेंगी। हालांकि, अभी तक इन दोनों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर फैसला नहीं हुआ है।
जानिए क्या कहा था अखिलेश ने?
31 अक्टूबर को ANI ने अखिलेश यादव के भाषण का वीडियो पोस्ट किया था जिसमें पूरी बात सुनी जा सकती है। अखिलेश यादव कहते हैं कि, “सरदार पटेल ज़मीन पहचानते थे, ज़मीन को पकड़ कर के फैसले लेते थे। वो ज़मीन को समझ लेते थे तभी फैसले लेते थे। इसीलिए आयरन मैन के नाम से जाने जाते है, लौह पुरुष के नाम से भी जाने जाते हैं। सरदार पटेल जी, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, जिन्ना एक ही संस्था में पढ़कर के बैरिस्टर बनकर आये थे। एक ही जगह पर पढ़ाई-लिखाई की उन्होंने, वो बैरिस्टर बने। उन्होंने आज़ादी दिलाई। अगर उन्हें किसी भी तरह का संघर्ष करना पड़ा तो वह पीछे नहीं हटे। एक विचारधारा (RSS) जिसपर पाबन्दी लगायी। अगर किसी ने पाबन्दी लगायी थी तो लौहपुरुष सरदार पटेल ने लगायी थी।”
भाजपा के निशाने पर आए अखिलेश यादव
इस बयान के बाद अखिलेश यादव भाजपा के निशाने पर आ गए थे। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने अखिलेश यादव को आतंकवादियों का मददगार तक बता दिया था। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बयान को ‘शर्मनाक’ और ‘तालिबानी मानसिकता’ वाला बताया। इसके साथ ही सीएम योगी ने अखिलेश से माफी मांगने की बात भी कही थी।