भारतीय टीम पहली बार हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में विश्वकप के फाइनल में पहुंची है। इस विश्वकप के दौरान टीम इंडिया एक अलग ही रंग में रंगी नजर आई। विश्वकप के सभी लीग मैच जीतकर भारतीय टीम अपने ग्रुप में टॉप पर थी जिसका फायदा उसको सेमीफाइनल में मिला। बता दे, सेमीफाइनल में भारत के सामने इंग्लैंड के रुप में कड़ी चुनौती थी लेकिन बारिश के चलते यह मैच रद्द हो गया और आईसीसी के नए नियमों के तहत भारत को विजेता घोषित कर दिया गया।
विश्वकप में भारतीय टीम के पहली बार चैंपियन बनने की राह में एक बार फिर मेजबान ऑस्ट्रेलिया है। इससे पहले भारत ने लीग चरण में ऑस्ट्रेलिया को मात दी थी जिसके चलते भारत का पलड़ा भारी माना जा रहा है। वहीं इस फाइनल से पहले टीम इंडिया ने खुद को पूरी तरह से तैयार कर लिया है।
वहीं अगर बात भारतीय टीम के बल्लेबाजों की करे तो आक्रामक बल्लेबाजी कर रही 16 साल की शेफाली वर्मा ने टीम को फाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। इस विश्वकप में शेफाली के बल्ले से 40 की औसत से चार मैच में 161 रन निकले हैं। बात अगर टीम इंडिया की ऑस्ट्रेलिया में रिकॉर्ड की करे तो भारत का यहां रिकॉर्ड काफी अच्छा रहा है। दोनों देशों के बीच ऑस्ट्रेलिया में अब तक 8 टी-20 हुए हैं, जिसमें से दोनों ने 4-4 जीते हैं।