एनडीटीवी के वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार के बारे में लोग नहीं जानते हो ऐसा नहीं हो हो सकता है। वो एक ऐसे पत्रकार है जिनको किसी परिचय की जरुरत नहीं है। हिंदी भाषी पत्रकारिता को ऊंचाइयों की और ले जाने में उनका योगदान अभूतपूर्व है।
रवीश कुमार ने अपने कैरियर में ना आने कितने राजनीतिक परिवर्तन देखे है और कवर किए है। पत्रकार के द्वारा ज़मीन पर जाकर लोगों के हाल लेना रवीश कुमार की ही देन कही जाती है।
कई लोग पत्रकार रवीश कुमार को तो जानते है लेकिन वो रवीश कुमार जिन्हे अपने जीवन में किसी से प्रेम हुआ और कई मुश्किलों के बाद उनका विवाह हुआ उस रवीश कुमार को बहुत कम लोग जानते है।
रवीश कुमार को एशिया के सबसे बड़ा सम्मान रैमन मैग्सेसे से भी नवाजा जा चुका है. पेशे से पत्रकार रवीश ने एक किताब लिखी है जिसका नाम है, ‘इश्क में सहर होना’.
दरअसल दिल्ली विश्वविद्यालय के देशबंधु कॉलेज में रवीश कुमार ने बीए में एडमिशन लिया और सिविल सर्विस की भी तैयारी करने लगे। दिल्ली में पढ़ाई के दौरान ही उनकी मुलाकात हुई अपनी होने वाली जीवनसंगिनी से।
जब रवीश दिल्ली में थे तभी कोलकाता की नयना दासगुप्ता भी दिल्ली के इंद्रप्रस्थ कॉलेज से बीए कर रही थीं. इसके बाद नयना ने जेएनयू से एमए की पढ़ाई की।
नयना रवीश की बहुत अच्छी दोस्त थीं और रवीश को इंग्लिश भी सिखाती थीं और धीरे-धीरे इनकी दोस्ती प्यार में बदल गई और दोनों ने साथ रहने का फैसला ले लिया।
दोनों ने साथ रहने का फैसला तो कर लिया था मगर ये राहत बहुत मुश्किल थी. क्योंकि, दोनों की कास्ट अलग थीं लेकिन कहते है ना की इरादे अगर पक्के हो तो रास्ते मिल ही जाते है।
करीब 7 सालों तक डेट करने के बाद दोनों ने साथ विवाह कर लिया। अब दोनों अपने जीवन में दो बेटियों के साथ खुशहाल जीवन जी रहे हैं।
वर्तमान में रवीश एनडीटीवी में मैनेजिंग एडिटर हैं जबकि उनकी पत्नी नयना लेडी श्रीराम कॉलेज में इतिहास की टीचर हैं।