रिपोर्ट: सत्यम दुबे
नई दिल्ली: असम में भाजपा व एनडीए (NDA) विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद हिमंत बिस्व सरमा को सोमवार को मुख्यमंत्री की गद्दी सौंपी गई। बिस्व सरमा राजनीतिक पारी में चार बार से विधायक रह चुके हैं, इसके अलावा वह वर्ष 2001 से ही असम सरकार के मंत्री भी रहें हैं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने सरकार के हर मुश्किल दौर में बेहतरीन कार्य किया। गोगोई के साथ उनके मतभेद होने के बाद सरमा वर्ष 2015 में कांग्रेस को छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। इतना शानदार राजनीतिक जीवन के अलावा सरमा का एक जीवन और भी है, और वो है प्यार का जीवन, आइये जानते हैं इनके जीवन की रोचक बातें…

आपको जानकर हैरानी होगी कि बिस्व सरमा ने मात्र 22 साल की उम्र में ही एलान कर दिया था कि वे एक न एक दिन असम के मुख्यमंत्री जरूर बनेंगे और अपनी मेहनत के दम पर आखिरकार वे 30 साल बाद असम के 15वें मुख्यमंत्री बने हैं।
हिमंत की पत्नी रिनिकी भुयन ने बताया कि ये उस वक्त की बात है जब हिमंत कॉटन कॉलेज में पढ़ते थे। वे उस वक्त से ही मुख्यमंत्री बनने को लेकर आश्वस्त थे। साथ ही हिमंत छात्र जीवन से ही अपने लक्ष्य को लेकर फोकस थे और वे जानते थे कि उन्हें भविष्य में क्या बनना है?
उन्होने आगे बताया कि, जब हिमंत 22 साल के थे और उनकी खुद की उम्र 17 साल थी, तब दोनों की पहली मुलाकात हुई थी। उस वक्त रिनिकी ने हिमंत से पूछा था कि, मैं अपनी मां को तुम्हारे भविष्य को लेकर क्या बताऊंगी? इस पर हिमंत ने कहा था कि, उन्हें कह दो मैं असम का मुख्यमंत्री बनूंगा।
उन्होने बताया कि हिमंत की ये बातों सुनकर रिनिकी चौंकी, लेकिन फिर उन्हें एहसास हुआ कि वे जिसके साथ शादी के पवित्र बंधन में बंधने जा रही है, उस शख्स के पास अपने तय लक्ष्य, राज्य के लिए सपने और दृढ़संकल्प है। रिनिकी बताया कि जब उनकी हिमंत से शादी हुई उस वक्त वे विधायक थे। लेकिन वे लगातार आगे बढ़ते गए और इसके बाद वे मंत्री बने और आज वे मुख्यमंत्री बन चुके हैं, लेकिन मुझे विश्वास नहीं हो रहा है।
आपको बता दें कि हिमंत ने कॉटन कॉलेज से ग्रेजुएशन के साथ पोस्ट ग्रेजुएशन भी इसी कॉलेज से किया है। इसके बाद उन्होंने सरकारी लॉ कॉलेज से एलएलबी की, और गुवाहाटी विश्वविद्यालय से पॉलिटिकल साइंस में पीएचडी की है। वहीं, दूसरी तरफ उनकी पत्नी रिनिका मीडिया उद्यमी हैं और उनके दो बच्चे हैं।