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खंडवा में भारी बारिश से हालात बिगड़े, सुकता नदी उफनी, हापला गांव का संपर्क टूटा

खंडवा जिले में लगातार बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। सुकता नदी के उफान से हापला गांव की पुलिया जलमग्न हो गई और संपर्क प्रभावित हुआ। तेज बहाव में किसान की दो भैंसें बह गईं। ग्रामीणों ने प्रशासन से पुलिया की ऊंचाई बढ़ाने और स्थायी समाधान की मांग की है।

By: Nivedita 
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खंडवा में भारी बारिश से हालात बिगड़े, सुकता नदी उफनी, हापला गांव का संपर्क टूटा

खंडवा। जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। देर रात से जारी बारिश के कारण शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक जलभराव की स्थिति बन गई है। कई सड़कों पर पानी भर गया है और नदी-नाले उफान पर आ गए हैं, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सुकता नदी के बढ़ते जलस्तर से पुलिया डूबी

भारी बारिश का सबसे ज्यादा असर सुकता नदी क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। नदी का जलस्तर बढ़ने से हापला गांव को जोड़ने वाली मुख्य पुलिया पूरी तरह पानी में डूब गई है। पुलिया पर पानी भर जाने के कारण गांव का संपर्क आसपास के क्षेत्रों से प्रभावित हो गया है और ग्रामीणों को घरों में रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

तेज बहाव में बहीं किसान की दो भैंसें

सुकता नदी के तेज बहाव के बीच हापला गांव में एक घटना सामने आई, जहां किसान की दो भैंसें पानी के तेज बहाव में बह गईं। ग्रामीणों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन नदी के तेज बहाव के कारण सफलता नहीं मिल सकी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आया है।

 

स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर ग्रामीण चिंतित

पुलिया डूबने के बाद ग्रामीणों में सबसे ज्यादा चिंता स्कूल गए बच्चों को लेकर बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि सुबह के समय पुलिया पर पानी नहीं था, लेकिन बाद में अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने से रास्ता बंद हो गया। अभिभावक बच्चों की सुरक्षित वापसी को लेकर चिंतित हैं और प्रशासन से मदद की उम्मीद कर रहे हैं।

पुलिया की ऊंचाई बढ़ाने की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि मानसून के दौरान हर साल यही समस्या सामने आती है। थोड़ी तेज बारिश में पुलिया डूब जाती है और गांव का संपर्क टूट जाता है। उन्होंने जिला प्रशासन से पुलिया की ऊंचाई बढ़ाने और स्थायी समाधान निकालने की मांग की है, ताकि भविष्य में लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

प्रशासन की चुनौती बढ़ी

फिलहाल क्षेत्र में हालात बारिश और नदी के जलस्तर पर निर्भर हैं। प्रशासन के सामने ग्रामीणों की सुरक्षा, आवागमन बहाल करने और संभावित आपात स्थितियों से निपटने की चुनौती बनी हुई है।

 

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