गुलरिहा थाना क्षेत्र के दोहरे हत्याकांड के पर्दाफाश के करीब पुलिस पहुंच गई है। रुपए के लिए टिकरिया जंगल से लकड़ी कटवाने वाले तस्कर ने साथी संग मिलकर पति—पत्नी की हत्या की।
दो माह बाद घटना में सुराग मिलने पर पुलिस ने शनिवार को कुछ लोगों को हिरासत में लिया। चार अगस्त की रात गुलरिहा, ठाकुरपुर नंबर एक, गड़हियां टोला निवासी अनरजीत और रीमा की हत्या कर दी गई।
अगले दिन सुबह लोगों को इसकी जानकारी हुई। कुदाल और लकड़ी काटने वाले हथियार से दोनों को मारकर बदमाश फरार हो गए थे। इस घटना में रीमा और अमरजीत के संबंध, उनके परिचितों सहित अन्य मामलों को ध्यान में रखकर पुलिस जांच कर रही थी।
दो दिन पहले पुलिस को जानकारी मिली कि एक लकड़ी तस्कर से अनरजीत का विवाद चल रहा था। इसलिए पुलिस की कार्रवाई में तेजी आ गई।
रीमा और अनरजीत हत्याकांड को लेकर पुलिस काफी परेशान रही। घटना से जुड़ा कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था। अनरजीत के परिजनों ने गोरखनाथ मंदिर में जाकर जल्द से जल्द घटना के खुलासे की गुहार लगाई थी।
जांच के दौरान कोई सुराग न मिलने पर पुलिस हैरान—परेशान हो उठी। इसलिए पुलिस ने दूसरे कई बिंदुओं पर पड़ताल की। इस बीच रीमा के मायके की एक महिला ने खुद पर रीमा की आत्मा के सवार होने की बात कहकर सनसनी फैला दी।
उसने एक नेता के भाई सहित चार लोगों का नाम बताया। यह भी कहा कि कुछ लोग यहां के थे। बाकी लोग गोरखपुर से बासमती चावल और मीट लेकर आए थे। इस मामले को लेकर काफी दिन पुलिस परेशान रही।
पुलिस ने कुछ लोगों को जांच के दायरे में लिया। तब मालूम हुआ कि एक व्यक्ति जो टिकरिया जंगल से पेड़ कटवाता है। उसकी गाड़ी का चालान चोरी की लकड़ी संग हुआ था। इस मामले में गाड़ी छुड़ाने में उसका काफी रुपया खर्च हो गया। लेकिन अनरजीत ने कोई मदद नहीं की।
इसको लेकर ही विवाद होने लगा। सूत्रों का कहना है कि घटना की रात अनरजीत के पास अधिक पैसा होने की उम्मीद में आरोपित और उसके साथी पहुंचे।
पुरानी पहचान का फायदा उठाकर घर में घुस गए। हत्या करके रुपए तलाशने का प्रयास किया। लेकिन पैसे न मिलने पर वह फरार हो गए। पुलिस ने घटना में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का सफल अनावरण किया।