नई दिल्ली : असम विधानसभा चुनाव के तकरीबन तीन महीने ही गुजरे थे की कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। आपको बता दें कि कांग्रेस की पूर्व सांसद और महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सुष्मिता देव ने पार्टी छोड़ दी है और चिट्ठी लिखकर सोनिया गांधी को इस्तीफा भेज दिया है। आपको बता दें कि इस्तीफे से पहले उन्होंने अपने ट्विटर बायो में बदलाव किया था और पूर्व कांग्रेस सदस्य लिख लिया था। इसे उनके पार्टी के छोड़ने के पहले संकेत के तौर पर देखा गया। सोनिया गांधी को भेजे इस्तीफे में उन्होंने कोई ठोस कारण नहीं बताया।
सुष्मिता देव ने अपने इस्तीफे में लिखा है कि वह कांग्रेस की सदस्यता छोड़ रही हैं। आगे लिखा है कि करीब तीस साल कांग्रेस पार्टी के साथ काम करना उनके लिए यादगार रहा। उन्होंने आगे लिखा है कि वह जनकल्याण में आगे का अपना वक्त लगाना चाहती हैं। बता दें कि सुष्मिता ने अखिल भारतीय महिला कांग्रेस के व्हाट्सएप ग्रुप को भी छोड़ दिया। सुष्मिता देव उन कांग्रेसी नेताओं में शामिल थीं, जिनके ट्विटर हैंडल को दिल्ली में कथित रूप से बलात्कार और हत्या की नौ साल की बच्ची के माता-पिता की तस्वीरें दिखाने वाली एक पोस्ट पर बंद कर दिया गया था।
बता दें कि इससे पहले असम कांग्रेस के अध्यक्ष भुपेन बोरा ने कहा था कि उन्हें सुष्मिता देव के इस्तीफे के बारे में कोई जानकारी नहीं है। बता दें कि सुष्मिता देव असम बंगाल के बड़े नेता संतोष मोहन देव की बेटी हैं। सुष्मिता देव असम की सिल्चर सीट से सांसद भी चुनी गई थीं।
विचार करना होगा नेता क्यों छोड़ रहे पार्टी
सुष्मिता देव के पार्टी छोड़ने पर कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी आने लगी हैं। कार्ति चिदंबरम ने कहा है कि पार्टी को इसपर मंथन करना होगा कि क्यों सुष्मिता देव जैसे लोग उनको छोड़कर जा रहे हैं। वहीं कपिल सिब्बल ने कहा कि युवा नेता कांग्रेस को छोड़कर जाते हैं और आरोप उन पुराने ‘बुजुर्ग’ नेताओं पर लगता है।
बता दें कि पिछले कुछ समय से देव के कांग्रेस से नाराज बतायी जा रही थीं। असम में चुनाव के दौरान भी उन्होंने उपेक्षा की बात कही थी। वहीं TMC सूत्रों के मुताबिक, सुष्मिता टीएमसी नेतृत्व के संपर्क में हैं और जल्द ही कोलकाता पहुंच कर ममता बनर्जी या अभिषेक बनर्जी से मिल सकती हैं।