नई दिल्ली : कहा जाता है कि मां-बाप के गुनाहों की सजा उसके बच्चों को मिलती है, जो बिल्कुल सटीक बैठता नजर आ रहा है, मध्य प्रदेश के एक मामले में। जहां एक हिस्ट्रीशीटर पिता के गुनाहों की सजा दुधमुंहे मासूम को मिल गई। दरअसल पिछले दिनों घर में शराब मिलने पर लसूड़िया थाना पुलिस ने एक महिला और घर के अन्य सदस्यों को जेल बेज दिया। जिसके बाद मासूम बच्चे को मां का दूध ना मिलने से उसकी तबीयत बिगड़ने लगी, क्योंकि वो अभी मात्र 8 महीने का था। इस बिगड़ती हालत को लेकर बच्चे को ICU में भर्ती किया गया है।

वहीं इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मां को तत्काल जमानत के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा जिस पर सोमवार को विशेष न्यायधीश द्वारा सुनवाई कर महिला को जमानत पर रिहा किया गया। मामला इंदौर के लसूड़िया क्षेत्र के इंदिरा नगर का है, जहां लसूड़िया पुलिस ने 29 मार्च को होली के दिन हिस्ट्रीशीटर के घर पर छापा मार कार्यवाही करते हुए मौके से शराब जब्त की।
पुलिस ने आरोपी की पत्नी खुशी और घर की अन्य महिलाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करते हुए कुछ कागजी कार्रवाई के बाद सभी को जेल भेज दिया। वहीं, हाईकोर्ट के वकील राम बजाड़ गुर्जर व सारांश जैन के मुताबिक अपर सत्र न्यायाधीश के समक्ष निर्वाचन आवेदन प्रस्तुत किया था जो कि निरस्त कर दिया गया।

जिसके बाद अधिवक्ताओं द्वारा उच्च न्यायालय के समक्ष जमानत आवेदन पेश किया गया, जिसमें बताया गया कि महिला के 8 माह के बच्चे की हालत बिगड़ गई है। जिसका निजी अस्पताल में इलाज करवाया जा रहा है, हालांकि सोमवार को मासूम कि मां को जमानत मिल गई और महिला जेल से छूटने के बाद सीधे अपने बेटे से मिलने अस्पताल पहुंची। आपको बता दें कि कोर्ट के इस निर्णय से चारों तरफ कोर्ट और जज की वाहवाही हो रही है।