नई दिल्ली : बेटे के दर्द को दूर करने के लिए एक पिता ने अपने बेटे को जहर दे दिया, वो भी उस बच्चे को जिसने उसे बड़े नाजों से पाला। जिसने उनके हाथों को पकड़कर चलना सीखा। जिसने अपने अट्टाहास से घर में खुशियों बिखेड़ी। जिसे देखकर उसके पिता के चेहरे पर खुशियां आती थी, लेकिन ऐसा क्या हुआ कि उस पित को अपनी जान से प्यारे बच्चे को जहर देना पड़ा, जिससे उसकी मौत हो गई।
आपको बता दें कि ये मामला तमिलनाडु के सलेम का है। जहां बोन कैंसर (Bone Cancer) से पीड़ित 14 साल के लड़के की तकलीफ न देख पाने से परेशान पिता ने उसे जहर देकर मार डाला। लड़के के पिता ने उसे तीन दवाओं के मिश्रण वाला इंजेक्शन (Injection) लगाया था, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने पिता समेत 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के मुताबिक पेरियासामी का 14 साल का बेटा वन्नाथमिजन पिछले एक साल से बोन कैंसर से पीड़ित था। बेटा दिन-रात दर्द में तड़पता रहता था। पेरियासामी ने अपने बेटे का दर्द दूर करने के लिए वेंकटेशन से संपर्क किया, जो एक प्रयोगशाला चलाता है। इसके बाद पेरियासामी और वेंकटेशन ने एक चिकित्सा पेशेवर प्रभु से संपर्क किया। पुलिस जांच में पता चला है कि प्रभु तुरंत पेरियासामी के घर गए और उन्होंने 14 साल के वन्नाथमिजन को एक इंजेक्शन दे दिया जिसके बाद उसकी मौत हो गई।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक प्रभु ने तीन दवाओं के एक मिश्रण का इंजेक्शन वन्नाथमिजन को लगाया था, जिसके ओवर डोज से उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने जब पेरियासामी से पूछताछ की तो उसने पुलिस को सब सच-सच बता दिया।