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फर्रुखाबाद: तीन फ़र्ज़ी कंपनियां पकड़ी, करोड़ों की GST चोरी का शक

By: RNI Hindi Desk 
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फर्रुखाबाद: तीन फ़र्ज़ी कंपनियां पकड़ी, करोड़ों की GST चोरी का शक

{ फर्रुखाबाद से सतीश गुप्ता की रिपोर्ट }

जीएसटी विभाग इटावा संभाग के एसआईबी के ज्वाइंट कमिश्नर हरीलाल प्रजापति ने असिस्टेंट कमिश्नर चरन सिंह व वाणिज्य कर अधिकारी गणेश यादव व अभिषेक मिश्र के कस्बा नवाबगंज पहुंच कर आयरन एवं स्टील हेतु जीएसटी में पंजीकृत तीन फर्मों सर्वश्री अनन्त इण्टर प्राइजेज, सर्वश्री लक्ष्मी इण्टर प्राइजेज व सर्वश्री मून इण्टर प्राइजेज के जीएसटी पंजीयन में दर्ज पतों की जांच पङताल की गई।

जांच-पड़ताल में पाया गया कि उक्त तीनों फर्में नवाबगंज में संचालित नहीं है अर्थात अस्तित्व हीन फर्म हैं तथा बिना माल के केवल कागजों में खरीद बिक्री करके भारी कर चोरी की जा रही है।

एसआईबी के ज्वाइंट कमिश्नर हरीलाल प्रजापति ने बताया कि 15 फरवरी को अलीगढ़ मे सरिया का एक ट्रक पकड़ा गया था। उक्त ट्रक पर लदी सरिया का ई वे बिल गाजियाबाद से नवाबगंज की फर्म लक्ष्मी इण्टर प्राइजेज के नाम से जनरेट हुआ था।

लेकिन नवाबगंज के नाम से उक्त ट्रक पर लदी सरिया अलीगढ़ में उतारी जा रही थी।सचल दल टीम द्वारा अलीगढ़ में सरिया उतार रहे उक्त ट्रक के ई वे बिल की जांच करने पर उक्त बिल नवाबगंज की फर्म लक्ष्मी इण्टर प्राइजेज के नाम से निकला जिस पर सन्देह होने पर उक्त फर्म एवं आयरन एवं स्टील हेतु पंजीकृत नवाबगंज की अन्य फर्मों की भी आन लाइन जांच करने पर नवाबगंज में शाप नम्बर 01, 03 एवं शाप नम्बर 10 के पते पर आयरन एवं स्टील हेतु पंजीकृत फर्म अनन्त इण्टर प्राइजेज, लक्ष्मी इण्टर प्राइजेज व मून इण्टर प्राइजेज के सम्बन्ध में सूचना प्राप्त हुई कि उक्त तीनों फर्मों द्वारा भारी मात्रा में लोहा की ई वे बिल से खरीद एवं बिक्री की गई है।

जिसमे अनन्त इण्टर प्राइजेज द्वारा 6 करोड़ 15 लाख रुपये, लक्ष्मी इण्टर प्राइजेज द्वारा 10 करोड़ 11 लाख रुपये एवं मून इण्टर प्राइजेज द्वारा 12 करोड़ 47 लाख रुपये कुल लगभग 28 करोड़ रुपये से अधिक का लोहा की ई वे बिल से खरीद व बिक्री नेट पर प्रदर्शित हो रही है।

जांच-पड़ताल में पाया गया कि उक्त तीनों फर्मे नवाबगंज में संचालित नहीं है अर्थात अस्तित्व हीन फर्मे हैं तथा बिना माल के वास्तविक खरीद बिक्री के केवल कागजों में खरीद बिक्री करके करोङों रुपये की कर चोरी की जा रही है। वहीं ज्वाइंट कमिश्नर हरीलाल प्रजापति ने बताया कि उक्त तीनों फर्मों का रजिस्ट्रेशन निरस्त कराने एवं अन्य विधिक कार्यवाही की जा रही है।

गाजियाबाद एवं अन्य स्थानों की जिन फर्मों द्वारा नवाबगंज की उक्त तीनों फर्मों के नाम ई वे बिल जनरेट किए गये हैं उनकी भी जांच की जाएगी। जांच होने पर करोड़ों रुपये के जीएसटी चोरी का खुलासा होने की सम्भावना है।

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