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हर क्षमता को उड़ान: उज्जैन में श्रवण बाधित बच्चियों की प्रतिभा को मिला नया मंच

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हामूखेड़ी शासकीय हायर सेकेंडरी विद्यालय के कार्यक्रम में हुए शामिल...

By: Abhinav Tiwari 
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हर क्षमता को उड़ान: उज्जैन में श्रवण बाधित बच्चियों की प्रतिभा को मिला नया मंच

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन के हामूखेड़ी शासकीय हायर सेकेंडरी विद्यालय में आयोजित ‘हर क्षमता को उड़ान’ कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। यह आयोजन श्रवण बाधित विद्यार्थियों की असाधारण प्रतिभा को समाज के सामने प्रस्तुत करने और समावेशी शिक्षा के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया।

बिना संगीत सुने, संकेतों से रचा अद्भुत नृत्य

कार्यक्रम की सबसे खास प्रस्तुति श्रवण बाधित बच्चियों द्वारा दी गई नृत्य प्रस्तुति रही। बच्चियों ने संगीत सुने बिना, केवल शिक्षकों के संकेतों और मार्गदर्शन के सहारे गोपाल डांस सहित मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह प्रदर्शन उनकी लगन, अभ्यास और शिक्षकों की प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण रहा।

सांकेतिक भाषा ने जोड़ा संवाद का सेतु

कार्यक्रम में सांकेतिक भाषा (Sign Language) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। मुख्यमंत्री के उद्बोधन का सांकेतिक भाषा में अनुवाद किया गया, ताकि संदेश सीधे विद्यार्थियों तक पहुँचे। कार्यक्रम के समापन पर बच्चियों ने भी सांकेतिक भाषा के माध्यम से मुख्यमंत्री और अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का सम्मान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पाँच विद्यार्थियों को सम्मानित किया कुमारी निकिता नरमल, कुमारी पलक झारिया, कुमारी विद्या, मास्टर मुकेश, मास्टर सचिन सम्मान पाकर विद्यार्थियों के चेहरे पर आत्मविश्वास और उत्साह साफ झलका।

मुख्यमंत्री का संदेश: सहयोग, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि उज्जैन के विजासन धाम (वार्ड क्रमांक 54) में स्थित यह विद्यालय/हॉस्टल अब बेहतर भवन में संचालित हो रहा है, जो सराहनीय है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे संस्थानों और बच्चों की सहायता करना समाज का सामूहिक दायित्व है और इससे मन को सुकून मिलता है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि जिला प्रशासन और कलेक्टर विद्यार्थियों की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए तत्पर रहेंगे। व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद इस “पवित्र कार्य” के लिए समय निकालने पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया और सभी को गणतंत्र दिवस की अग्रिम शुभकामनाएँ दीं।

संवेदनशील समाज की दिशा में एक मजबूत कदम

‘हर क्षमता को उड़ान’ कार्यक्रम न केवल श्रवण बाधित बच्चों के हुनर को मंच देने का अवसर बना, बल्कि समाज में समावेशिता, करुणा और जिम्मेदारी की भावना को भी सुदृढ़ करने वाला प्रेरक प्रयास सिद्ध हुआ।

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