1. हिन्दी समाचार
  2. Ujjain
  3. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में ‘उज्जयिनी विक्रम व्यापार मेला’ का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में ‘उज्जयिनी विक्रम व्यापार मेला’ का किया शुभारंभ

महाशिवरात्रि पर उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जयिनी विक्रम व्यापार मेला शुरू किया। वाहन बिक्री, छूट, आयुर्वेद, विक्रमोत्सव और व्यापारिक विकास पर महत्वपूर्ण जानकारी।

By: Abhinav Tiwari 
Updated:
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में ‘उज्जयिनी विक्रम व्यापार मेला’ का किया शुभारंभ

महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन (अवंतिका) में ‘उज्जयिनी विक्रम व्यापार मेला’ का शुभारंभ करते हुए डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के विकास, व्यापारिक प्रगति और सांस्कृतिक उन्नयन पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मेला न केवल व्यापार को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान कर रहा है।

व्यापार मेले से बढ़ा आर्थिक लाभ

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि उज्जैन में आयोजित इस व्यापार मेले के माध्यम से वाहन बिक्री में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2024 में जहाँ 23,705 वाहनों की बिक्री हुई थी और उपभोक्ताओं को लगभग ₹122 करोड़ की छूट मिली थी, वहीं 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 36,025 वाहन हो गया है। इससे ग्राहकों को करीब ₹187 करोड़ रुपये की छूट का लाभ मिला है। साथ ही, नगर निगम की आय भी पिछले वर्ष के ₹3 करोड़ से बढ़कर इस वर्ष ₹4 करोड़ 10 लाख रुपये तक पहुँच गई है।

बड़े स्तर पर व्यापारिक विस्तार

मेले में वर्तमान में 149 फोर-व्हीलर और 36 टू-व्हीलर स्टॉल/शोरूम लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि यहां प्रीमियम सेगमेंट की गाड़ियों पर भी आकर्षक ऑफर दिए जा रहे हैं। उदाहरण के तौर पर, Jaguar जैसी करीब ₹3 करोड़ की लग्जरी कार पर भी ₹20 लाख तक की छूट दी जा रही है, जो इस मेले की विशेषता को दर्शाता है।

श्रद्धालुओं को मिल रही बेहतर सुविधाएँ

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बाबा महाकाल के दरबार में श्रद्धालुओं को अब आधे घंटे से भी कम समय में दर्शन हो रहे हैं। इससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु संतोष और आनंद के साथ दर्शन कर लौट रहे हैं।

सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने बताया कि उज्जैन के विभिन्न कैंपस विकास के केंद्र के रूप में उभर रहे हैं। जहाँ इंजीनियरिंग कॉलेज कैंपस का उपयोग व्यापार और व्यवसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है, वहीं पॉलिटेक्निक संस्थान में सम्राट विक्रमादित्य के नाम पर पुरस्कारों का शुभारंभ किया जा रहा है, जिससे शिक्षा और संस्कृति दोनों को बल मिल रहा है।

आयुर्वेद और वन मेला बना आकर्षण का केंद्र

दशहरा मैदान में आयोजित ‘वन मेला’ के माध्यम से आयुर्वेदिक औषधियों और प्राकृतिक उत्पादों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने यहाँ ‘जंगली प्याज’ जैसी दुर्लभ औषधीय वनस्पतियों के प्रदर्शन का विशेष उल्लेख किया और इसे प्रदेश की पारंपरिक औषधीय विरासत से जोड़ने की बात कही।

राज्यव्यापी रूप में मनाया जा रहा विक्रमोत्सव

डॉ. मोहन यादव ने जानकारी दी कि इस वर्ष ‘विक्रमोत्सव’ को पूरे मध्यप्रदेश के सभी प्रमुख महादेव देवस्थानों पर एक साथ मनाया जा रहा है। बाबा महाकाल के दर्शन के उपरांत उन्होंने औपचारिक रूप से इस महोत्सव के शुभारंभ की घोषणा की।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकास की गति

मुख्यमंत्री ने मंच पर उपस्थित सांसद अनिल फिरोजिया, महापौर मुकेश टटवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि प्रदेश में हो रहा विकास प्रधानमंत्री के नेतृत्व और केंद्र-राज्य के समन्वय का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि उज्जयिनी विक्रम व्यापार मेला आने वाले वर्षों में और भी बड़े स्वरूप में प्रदेश की पहचान बनेगा।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...