यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर से जुड़े 2000 करोड़ के एक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अब जांच एजेंसिया सतर्क हो गयी है, कई ऐसे बिजनेसमैन है जिनको बैंक से कई करोड़ों लोन दे दिए लेकिन उनसे अब तक रिकवरी नहीं हो पायी है। ऐसे में अब ED इन सब मामलों में सक्रिय हो गई है।
दरअसल उद्योगपति सुभाष चंद्रा को प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को तलब किया है. सुभाष चंद्रा के एस्सेल ग्रुप पर कथित तौर पर संकटग्रस्त यस बैंक का 8,000 करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया है। वही उसके अगले दिन अनिल अंबानी और अवंता समूह के गौतम थापर को भी तलब किया गया है.
इन दोनों के ऊपर भी बहुत पैसा बकाया है। दरअसल प्रवर्तन निदेशालय नियमों के उल्लंघन में यस बैंक द्वारा विभिन्न संगठनों या संस्थाओं को दिए गए संदिग्ध ऋणों के आरोपों की जांच कर रहा है.
आपको बता दे कि यस बैंक भारत का चौथा सबसे बड़ा निजी बैंक है जिसने कथित रूप से 34,000 करोड़ बिना किसी जांच पड़ताल के बांट दिए। वही इस बैंक की मदद के लिए RBI ने योजना बनाई है और इसके तहत बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) यस बैंक में 49 प्रतिशत तक की हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगा।