बड़वानी जिले की ग्राम पंचायत अवल्दा के पुनर्वास स्थल पर पिछले एक सप्ताह से गंभीर पेयजल संकट बना हुआ है। नर्मदा जल आपूर्ति की पाइपलाइन जगह-जगह टूट जाने के कारण बसाहट क्षेत्र में पानी की आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई है। समस्या से परेशान ग्रामीण सरपंच धर्मेंद्र मंडलोई के नेतृत्व में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और स्थायी समाधान की मांग की।
सरपंच धर्मेंद्र मंडलोई ने बताया कि पुनर्वास स्थल पर लगाए गए चार ट्यूबवेलों में से एक भी पूरी तरह कार्यशील नहीं है। दो ट्यूबवेलों का जलस्तर काफी नीचे चला गया है, जबकि एक ट्यूबवेल से मोटर पंप के पाइप निकाल दिए गए हैं। चौथे ट्यूबवेल में बार-बार मोटर खराब होने के कारण पानी की आपूर्ति संभव नहीं हो पा रही है।
पेयजल संकट के चलते लगभग 150 परिवारों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए कुओं, खेतों और नदी से पानी लाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी के इस मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो गई है।
सरपंच ने जानकारी दी कि पुनर्वास स्थल अभी तक ग्राम पंचायत को आधिकारिक रूप से हैंडओवर नहीं किया गया है। इसके बावजूद पंचायत टैंकरों के माध्यम से अस्थायी रूप से पानी उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है, लेकिन यह समाधान पर्याप्त नहीं है।
बसाहट क्षेत्र में पशुओं के लिए पानी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। यहां मवेशियों के लिए एक भी होद नहीं बनाया गया है, जिससे पशुपालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरपंच ने एनवीडीए विभाग से पशुओं के लिए होद निर्माण की मांग की है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से नर्मदा पाइपलाइन की तुरंत मरम्मत, खराब ट्यूबवेलों को चालू करने और स्थायी जल व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने संबंधित विभागों को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं, ताकि ग्रामीणों को जल्द राहत मिल सके।