शाजापुर जिले के पोलाय खुर्द गांव से बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं और पुरुष मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने गांव में शमशान घाट की समस्या और मांगलिक भवन की जमीन पर कथित कब्जे को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी जताई और जनसुनवाई व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में लंबे समय से शमशान भूमि की समस्या बनी हुई है। इसके अलावा अनुसूचित जाति समाज के लिए प्रस्तावित मांगलिक भवन की जमीन पर भी विवाद की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने “जनसुनवाई बंद करो” और “कलेक्टर मुर्दाबाद” जैसे नारे लगाए। तेज गर्मी के बावजूद कई ग्रामीण धरने पर बैठ गए और अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे।
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने कहा कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे धर्म परिवर्तन करने पर मजबूर होंगी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अनुसूचित जाति से होने के कारण उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जाता। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि गांव के दलित सरपंच के साथ दबंगों द्वारा मारपीट की घटनाएं भी सामने आई हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से उचित कार्रवाई नहीं की गई।
धरने और नारेबाजी की सूचना मिलने पर सुंदरसी थाना प्रभारी मनीषा शर्मा भी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें शांत करने का प्रयास किया। थाना प्रभारी ने ग्रामीणों से कहा कि वे अपनी समस्याओं को प्रशासन के समक्ष शांतिपूर्ण तरीके से रखें।
प्रदर्शन के बाद ग्रामीण प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर से मुलाकात की और अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।