बुरहानपुर जिले की खकनार तहसील के ग्राम नागझिरी में कथित भ्रष्टाचार और राशन घोटाले को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने अनोखे तरीके से प्रदर्शन करते हुए फावड़ा-तगारी और हाथों में आईना लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रशासन को व्यवस्था में फैले भ्रष्टाचार का “आईना” दिखाया।
ग्रामीणों ने पंचायत पदाधिकारियों और उचित मूल्य दुकान संचालक पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वर्षों से गांव में भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीण महिलाओं और पुरुषों ने आरोप लगाया कि गरीबों को समय पर राशन नहीं मिल रहा है। कई मामलों में रिकॉर्ड में वितरण दिखा दिया जाता है, जबकि वास्तविकता में लोगों को राशन नहीं मिलता। ग्रामीणों का कहना है कि रात में राशन की गाड़ी आती है और सुबह तक माल गायब हो जाता है।
ग्रामीण लखन ने आरोप लगाया कि लोगों के फर्जी हस्ताक्षर कर राशन का गबन किया जा रहा है और अनाज को ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है। वहीं ग्रामीणों ने RTI के तहत जानकारी मांगने पर निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली का भी आरोप लगाया है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में सीसी रोड और अन्य विकास कार्यों के नाम पर राशि तो निकाली गई, लेकिन जमीन पर कोई काम दिखाई नहीं देता। आज भी गांव में गंदगी, टूटी नालियां और पेयजल संकट जैसी समस्याएं बनी हुई हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार की शिकायत करने पर उन्हें गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी जाती है। उन्होंने मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई और FIR दर्ज करने की मांग की है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि उचित मूल्य दुकान की निष्पक्ष जांच की जाए, पंचायत के वित्तीय रिकॉर्ड की जांच हो, दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाए और धमकी देने वालों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए।
खाद्य आपूर्ति अधिकारी अर्चना नागपुरे ने कहा है कि यदि गरीबों को राशन नहीं मिल रहा है तो मामले की जांच कर उचित मूल्य दुकान संचालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।