शिवपुरी जिले के कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई के दौरान गढ़ीबरोद गांव की आदिवासी कॉलोनी के ग्रामीणों ने गंभीर पेयजल संकट की शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में लंबे समय से नल-जल योजना बंद पड़ी हुई है, जिसके कारण उन्हें रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी की भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी में महिलाओं और बच्चों को निजी बोरवेल से पैसे देकर पानी लाना पड़ रहा है। पानी की पर्याप्त व्यवस्था न होने से आदिवासी परिवारों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने पंचायत सचिव और सरपंच पर आरोप लगाया है कि बोरवेल और हैंडपंपों के नाम पर फर्जी बिल तैयार कर राशि निकाल ली गई है। जबकि धरातल पर पानी की कोई स्थायी व्यवस्था मौजूद नहीं है।
ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और गांव में नल-जल योजना को दोबारा शुरू कर स्थायी समाधान उपलब्ध कराने की अपील की है।