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NASA सैटेलाइट का डर दिखाकर दिल्ली पुलिस ने कबूल करवाया ये बड़ा जुर्म, बहुत दिनों से कर रहे थे गुमराह

By: Amit ranjan 
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NASA सैटेलाइट का डर दिखाकर दिल्ली पुलिस ने कबूल करवाया ये बड़ा जुर्म, बहुत दिनों से कर रहे थे गुमराह

नई दिल्ली : कहा जाता है कि कानून के हाथ लंबे हाथ होते है, लेकिन छोटे नहीं और इसी कहावत को सहीं साबित किया है दिल्ली पुलिस ने। जिन्हें एक जुर्म में आरोपियों की तलाश थी, जिसे लेकर उन्हें दो लोगों पर संदेह भी था, लेकिन वे लगातार पुलिस को गुमराह कर रहे थे। और पुलिस के पास कुछ सबूत भी नहीं थे, जिससे वे उन दोनों को हिरासत में ले सकें। हालांकि इस मामले को लेकर वे लगातार उन दोनों पर नजर रखने लगे।

कई दिनों तक इन दोनों के एक्टिविटी पर नजर रखने के बाद पुलिस को कुछ सबूत मिलें। लेकिन ये सबूत इन दोनों के लिए नाकाफी था, क्योंकि ये दोनों हत्या के जुर्म से खुद को बचाने की कोशिश कर रहे थे। और अंत में दिल्ली पुलिस ने कुछ ऐसा जाल बिछाया जिसमें ये दोनों अपराधी फंस गए। आउटर डिस्ट्रिक्ट के डीसीपी परविंदर ने बताया कि 5 अप्रैल को दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में एक शख्स की डेड बॉडी मिली थी। उसके चेहरे पर चोट के निशान थे और पूरा चेहरा कुचल दिया गया था। सूचना मिलने पर पुलिस (Delhi Police) ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।

बॉडी की पहचान मंगोलपुरी के रहने वाले चंद्रभान उर्फ चन्दा (35)  के तौर पर हुई। इसके बाद मंगोलपुरी थाने के एसएचओ मुकेश कुमार के नेतृत्व में जांच शुरू की गई। पुलिस टीम ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को ध्यान से देखा और घटना स्थल के नजदीक रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की। इस दौरान न तो पुलिस को कोई चश्मदीद मिला तो और ना कोई सीसीटीव फुटेज। इसके बाद पुलिस ने अपनी जांच को आगे बढ़ाते हुए टेक्निकल सर्विलांस और लोकल इंटेलिजेंस की मदद ली। पुलिस को पता चला कि मृतक चंद्रभान को आखिरी बार दो लोगों के साथ बाइक पर देखा गया था। इसके बाद उस बाइक के बारे में जानकारी जुटाई गई।

आखिरकार पुलिस (Delhi Police) जांच करते हुए दो संदिग्ध प्रदीप और राजू तक पहुंच गई। प्रदीप पेशे से सेल्समेन का काम करता था और राजू पेंटर का। जब दोनों से मर्डर के बारे में पूछताछ की गई तो वे दोनों पुलिस को गुमराह करने के साथ ही भटकाते रहे। हालांकि पुलिस के पास उन दोनों के खिलाफ टेक्निकल साक्ष्य थे। दरअसल जिस दिन मर्डर (Murder) हुआ था, उस दिन दोनों के मोबाइल फोन की लोकेशन मौका-ए-वारदात पर मिली थी। इसी वजह से पुलिस को दोनों आरोपियों पर शक था लेकिन आरोपी कत्ल की बात स्वीकार नहीं कर रहे थे।

इसके बाद रणनीति के तहत पुलिस ने दोनों संदिग्धों को छोड़ दिया और फिर उन पर नजर रखनी शुरू कर दी। इसके बाद दोनों को फिर थाने बुलाकर पूछताछ की गई। पुलिस को कुछ नए सबूत मिले थे, जिसके बारे में आरोपियों से पूछा गया लेकिन दोनों ने हत्या की बात को खारिज कर दिया। इसके बाद SHO मुकेश कुमार के जेहन में दोनों को डराने का प्लान आया। उन्होंने दोनों आरोपियों को कहा कि जिस दिन ये वारदात हुई थी तुम दोनों  मृतक चंद्रभान के साथ थे।

उन्होंने दोनों आरोपियों से कहा कि इस मामले में  NASA की सैटेलाइट नजर रखती है। जिस दिन हत्या हुई थी, उस दिन उनकी हरकत सैटेलाइट ने रिकॉर्ड कर ली थी। उन्होंने दोनों आरोपियों से कहा कि वे सैटेलाइट तस्वीरें उन्हें मिल गई हैं। जिसे सुनते ही दोनों आरोपियों के चेहरों के रंग उड़ गये और उन्होंने हत्या की बात को कबूल कर लिया।

उदोनों आरोपियों ने बताया कि 4 अप्रैल को उन्होंने चंद्रभान के साथ मिलकर शराब पी थी। उसी दौरान हुए झगड़े में उन्होंने चंद्रभान की हत्या कर दी थी।

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