दिल्ली सरकार ने नागरिक सेवाओं को और आसान और सुलभ बनाने के लिए एक बड़ी पहल की है। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग (DIT) ने व्हाट्सएप गवर्नेंस सर्विसेज शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ाया है, जो सरकार की डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन स्ट्रेटेजी का हिस्सा है। इस परियोजना का उद्देश्य नागरिकों को 24 घंटे सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना है ताकि उन्हें दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें, कागजी जंजाल खत्म हो जाए और लंबी कतारें इतिहास बन जाएं।
इस नई प्रणाली के तहत जन्म प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, पेंशन स्थिति, कर भुगतान और शिकायत निवारण जैसी 50 से अधिक सेवाएं सीधे व्हाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध होंगी। इस योजना के लिए दिल्ली सरकार ने निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी है। चयनित एजेंसी एक मल्टीलिंगुअल चैटबॉट सिस्टम विकसित करेगी, जो हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में काम करेगा। यह चैटबॉट व्हाट्सएप बिजनेस एपीआई और जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से संचालित होगा और दिल्ली सरकार के ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल एवं अन्य विभागीय वेबसाइटों से जुड़ा रहेगा।
आईटी विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना आईटी अधिनियम 2000 और भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल (CERT-In) के सुरक्षा मानकों के अनुरूप होगी। सभी डेटा को राज्य डेटा केंद्र (SDC) के अनुमोदित क्लाउड प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रखा जाएगा। इस प्रोजेक्ट के लिए सरकार तीन वर्षों की अवधि के लिए एक निजी तकनीकी एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपेगी।
अधिकारियों ने बताया कि यह पहल दिल्ली को देश की पहली राजधानी बनाएगी, जहां एकीकृत व्हाट्सएप-आधारित ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म लागू होगा। नागरिक बिना किसी अतिरिक्त ऐप डाउनलोड किए सिर्फ व्हाट्सएप के माध्यम से आवेदन, भुगतान, दस्तावेज अपलोड और स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
इसके अलावा, आवेदन की स्थिति, भुगतान की रसीद, नोटिफिकेशन और रिमाइंडर भी सीधे व्हाट्सएप पर भेजे जाएंगे। प्रत्येक विभाग को आवश्यकता अनुसार अलग-अलग व्हाट्सएप नंबर दिए जाएंगे ताकि योजनाओं और सूचनाओं का प्रसार हो सके। शिकायत और फीडबैक दर्ज करने के लिए भी यही प्लेटफॉर्म इस्तेमाल किया जाएगा।
यह प्रणाली न केवल सरकारी सेवाओं को नागरिकों की उंगलियों तक पहुंचाएगी, बल्कि दिल्ली को डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में एक अग्रणी मॉडल के रूप में स्थापित करेगी।