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लखनऊ के नामचीन ज्वैलर्स एंड बैंकर्स में करोड़ों की चोरी, जांच में जुटी STF

By: Amit ranjan 
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लखनऊ के नामचीन ज्वैलर्स एंड बैंकर्स में करोड़ों की चोरी, जांच में जुटी STF

नई दिल्ली : गुरूवार रात को चोरों ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के नामचीन लाला जुगल किशोर ज्वैलर्स एंड बैंकर्स फर्म के शोरूम में धावा बोल दिया। इस दौरान जहां चोरों ने गैस कटर से अलमारी काटकर कीमती हीरे, जेवरात, समेत कई कीमती जेवरात चोरी किये, वहीं उसने काउंटर मे रखें कैश को भी जला दिया। और सामानों को क्षत-विक्षत कर दिया।

बता दें कि इस घटना के बाद मामले की जांच को एसटीएफ लगा दी गई है। इस दौरान जहां एसटीएफ ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे को खंगाला, वहीं कई साक्ष्य भी एकत्र किये। अरविंद ने बताया कि गुरुवार को बंदी होने के कारण शार्ट सर्किट की डर से सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए थे। इसकी वजह से चोर कैमरे में कैद नहीं हो सके। पीड़ि‍त सर्राफ नुकसान का आकलन कर रहे हैं।

सर्राफ का कहना है कि चोरी हुए जेवर और नकदी का हिसाब कर पुलिस को अवगत कराया जाएगा। पुलिस ने फॉरेंसिक और डॉग स्क्वायड की मदद से छानबीन की। हालांकि, उसे खास सफलता नहीं मिली।

लखनऊ पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर के मुताबिक, चोर पड़ोस स्थित इमारत से पीछे के रास्ते छत से फर्म में दाखिल हुए थे। फर्म से कितने के जेवर चोरी हुए हैं, इसकी अभी जानकारी नहीं मिल सकी है। चोरों की तलाश में कई टीमें गठित की गई हैं। आपको बता दें कि ये मामला अमीनाबाद कोतवाली से चंद कदम दूर का है। यहां स्थित लाला जुगल किशोर ज्वैलर्स एंड बैंकर्स फर्म के मालिक अरविंद रस्तोगी के मुताबिक, बुधवार रात वह शोरूम बंद कर घर चले गए थे। गुरुवार को साप्ताहिक बंदी के कारण वह शुक्रवार सुबह शोरूम पहुंचे। ताला खोलकर जब वे अपने कर्मचारियों के साथ शोरूम में दाखिल हुए तो अंदर का नजारा देखकर दंग रह गए। दुकान के भीतर सारा सामान अस्त-व्यस्त पड़ा था। चांदी के सिक्के और कुछ जले हुए नोट भी बिखरे थे। सेफ टूटी पड़ी थी। अलमारियों में रखी ज्वैलरी गायब थी। सेफ से भी हीरे, सोने के आभूषण तथा नकदी गायब थे।

खास बात यह है कि पुलिस को चोरों के आने की भनक तक नहीं लगी। गुरुवार को बाजार बंद होने के कारण फर्म में भी ताला लगा था। खबर मिलते ही पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारी हरकत में आए। एडीसीपी व डीसीपी पश्चिम ने वहां जाकर छानबीन की। इस दौरान मीडियाकर्मियों को फर्म के भीतर जाने की अनुमति नहीं दी गई। पुलिस आयुक्त डीके ठाकुर भी बाद में घटनास्थल पर पहुंचे और जानकारी ली।

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