नई दिल्ली: भारत के टेस्ट विशेषज्ञ बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने कहा कि नकारात्मक विचारों से दूर रहने के लिए वह योग और ध्यान करने के अलावा अपने अध्यात्मिक गुरु से सलाह लेते हैं।
पुजारा ने यूट्यूब पर ‘माइंट मैटर्स’ इंटरव्यू में कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सफलता की कुंजी दबाव को झेलना होती है। उन्होंने कहा, ‘एक बार नकारात्मक सोचने पर सब कुछ नकारात्मक लगने लगता है। मैं योग और ध्यान का सहारा लेता हूं। रोज प्रार्थना करता हूं, जिससे सोच सकारात्मक बनी रहती है।’
उन्होंने कहा, ‘एक समय ऐसा भी था जब मुझे लगता था कि मैं दबाव नहीं झेल पाऊंगा। युवावस्था में अपनी मां के पास जाकर मैं उनके सामने रोता था और कहता था कि इतने दबाव के कारण मैं क्रिकेट नहीं खेल सकूंगा, लेकिन अब मैं दबाव झेल लेता हूं।’
पुजारा की मां का निधन तब हो गया था, जब वह 17 वर्ष के थे। उसके बाद से वह अध्यात्मिक गुरु की सलाह लेते हैं।
पुजारा की छवि टेस्ट क्रिकेट के बल्लेबाज के तौर पर रही है। इस बार उन्हें चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने उनके बेस प्राइस 50 लाख रुपये में खरीदा है। पर अब तक उन्हें मैदान पर उतरने का मौका नहीं मिला है। 33 साल के पुजारा ने आईपीएल में आखिरी मैच 2014 में खेला था, तब वह किंग्स इलेवन पंजाब का हिस्सा थे।
चेतेश्वर पुजारा मौजूदा टेस्ट रैंकिंग में 14वें स्थान पर हैं। उन्होंने 2010 में टेस्ट डेब्यू किया था। अब तक 85 टेस्ट मैचों में 46.59 की औसत से उन्होंने 6244 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 18 शतक और 29 अर्धशतक लगाए।