रिपोर्ट: सत्यम दुबे
गोपालगंज: बिहार के लालगोपाल गंज के ADJ-2 कोर्ट ने शुक्रवार को एक मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने बिहार के चर्चित खजूरबानी शराब कांड के मामले में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने इस दौरान 13 लोगो को दोषी करार दिया। जिसमें 9 लोगो को फांसी की सुनाई है, तो वहीं 4 महिलाओं को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस मामले के 11 दोषी जेल में हैं, तो वहीं दो अभी फरार चल रहें हैं। कोर्ट ने दोनो दोषियों की गिरफ्तारी के लिए नये सिरे से वारंट जारी किया है।

आपको बता दें कि 16 अगस्त 2016 को गोपालगंज के खजुराही मोहल्ले के ज्यादातर घरों में किसी न किसी व्यक्ति की मौत हो गई थी। मरने वाले सभी लोग गरीब परिवारों के थे। लोगो ने शराब पी थी। शराब जहरीली होने के कारण कई लोगों की आंखों की रोशनी चली गई थी। सबसे ज्यादा मौतें नोनिया टोली, पुरानी चौक और हरखुआं मोहल्ले में हुई थी।

इस घटना के बाद एक्शन में आई नीतीश सरकार ने अधिकारीयों को जॉच के आदेश दिये। अधिकारी जब ज़च करने गये तो वो भी हैरान हो गए। अधिकारिय़ों ने मौके बड़ी मात्रा में नशीला पदार्थ मिलाकर बनाई गई शराब, ड्रम, शराब बनाने वाले उपकरण और बर्तन बरामद किये। इतना ही नहीं पुलिस ने शराब से भरे कई ड्रम जमीन से निकालकर बरामद किये थे। जिसके बाद 12 जून 2020 को बिहार के डीजीपी ने 21 पुलिसवालों को बर्खास्त कर दिया था।

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो दोषियों के बचाव पक्ष के वकीलों का कहना है कि वे इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे। जबकि कानून के जानकार वरीष्ठ अधिवक्ता विष्णु दत दुबे ने कहा कि हाईकोर्ट जाने का अधिकार है। वहां फैसला देने के पहले लोअर कोर्ट के फैसले को देखेगा। आसान नहीं होगा फैसला बदलना।