{ लखनऊ से अनुज कुमार की रिपोर्ट }
जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय का कहना है कि बीते साल के मुकाबले इस साल अभिभावकों की भीड़ कम आ रही है। कोरोना का असर शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के आवेदनों पर भी दिख रहा है। जहां बीते साल आवेदन प्रक्रिया के एक हफ्ते के अंदर 10 हजार 526 आवेदन आए थे, वहीं इस साल गुरुवार तक महज आठ हजार आवेदन ही मिले हैं
जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि बीते साल के मुकाबले इस साल अभिभावकों की भीड़ कम आ रही है। जहां पहले हर रोज 20 से 25 विभाग आरटीई से जुड़ी जानकारियां लेने पहुंच जाते थे, वहीं इस साल कोरोना के कारण अभिभावक भी विभाग आने से कतरा रहे हैं।
आरटीई नोडल अधिकारी राजीव नयन गुप्ता का कहना है कि इस साल शहरी क्षेत्रों में प्रदेश के 2 लाख 72 हजार 214 सीटों पर आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों का दाखिला लिया जाएगा। इन सीटों के लिए 55 हजार आवेदन मिल चुके हैं। पहले चरण की प्रक्रिया 26 मार्च तक चलेगी। 31 को लॉटरी निकाली जाएगी।