बुरहानपुर जिले के जमबुपानी गांव में ग्रामीण आज भी सड़क जैसी मूलभूत सुविधा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। गांव तक पहुंचने वाला मार्ग पूरी तरह जर्जर हो चुका है, जिससे लोगों का आवागमन बेहद कठिन हो गया है। गर्मी के मौसम में सड़क धूल और मिट्टी से भर जाती है, जबकि बारिश में रास्ता कीचड़ में तब्दील होकर लगभग बंद हो जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि खराब सड़क के कारण गांव में सबसे ज्यादा परेशानी बीमार लोगों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को होती है। कई बार एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती, जिसके चलते मरीजों को खटिया या अन्य साधनों से मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। बच्चों को भी स्कूल पहुंचने के लिए रोजाना बदहाल रास्तों से गुजरना पड़ता है।
ग्रामीण सुभाष ने बताया कि गांव की सड़क वर्षों से नहीं बन पाई है। करीब तीन महीने पहले विधायक अर्चना चिटनिस द्वारा सड़क निर्माण का भूमिपूजन किया गया था, लेकिन पीडब्ल्यूडी का ठेकेदार काम अधूरा छोड़कर चला गया। इसके बाद से निर्माण कार्य बंद पड़ा हुआ है।
ग्रामीण कांति लाल डाबर का कहना है कि कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को शिकायत करने के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। बारिश के दिनों में गांव का संपर्क पूरी तरह कट जाता है, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
परेशान ग्रामीण अब कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि जल्द निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो गांव के लोग आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
ग्रामीणों की शिकायत के बाद जिला पंचायत सीईओ सृजन सिंह वर्मा ने मामले में जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से चर्चा कर सड़क निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि ग्रामीण अब भी स्थायी समाधान का इंतजार कर रहे हैं।