बुरहानपुर जिले के ग्राम फतेपुर में आदिमजाति कल्याण विभाग के छात्रावास के पास संचालित हो रही शराब दुकान को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि छात्रावास के नजदीक शराब दुकान खुलने से बच्चों की पढ़ाई और उनके भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
गांव के लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कलेक्टर को शिकायत सौंपकर शराब दुकान को तत्काल हटाने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षा और विद्यार्थियों के माहौल के बीच शराब दुकान का संचालन पूरी तरह अनुचित है। पूर्व उपसरपंच तोताराम खंडेराव ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।
ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2026 के नए शराब ठेके के बाद ठेकेदार जितेंद्र वास्कले द्वारा छात्रावास के समीप कंपोजिट शराब दुकान शुरू की गई है। छात्रावास में रहने वाले छात्र-छात्राओं के बीच इस तरह शराब दुकान संचालित होने से अभिभावकों में भी चिंता का माहौल बना हुआ है।
मामले को लेकर आदिमजाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त भारत जांचपूरे ने स्वीकार किया कि छात्रावास के पास शराब दुकान नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की जा रही है। हालांकि अब तक किसी ठोस कार्रवाई की घोषणा नहीं होने से ग्रामीणों में असंतोष बना हुआ है।
ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि छात्रावास और शिक्षा संस्थानों के आसपास शराब दुकानें संचालित होना बच्चों के भविष्य के लिए नुकसानदायक है। लोगों ने प्रशासन से जल्द उचित कदम उठाने और शराब दुकान को अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की है।