देश की आर्थिक हालत पर अब कोरोना का असर साफ़ दिखाई देने लगा है। दरअसल, देश का राजकोषीय घाटा चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में ही बजट अनुमान के 83.2 फीसदी यानी 6.62 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।
पिछले साल की बात करे तो यह सिर्फ 61 फीसदी पर था। फरवरी में पेश 2020-21 के आम बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने चालू वित्त वर्ष के लिये राजकोषीय घाटे का लक्ष्य 7.96 लाख करोड़ रुपये यानी सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 3.5 फीसदी रखा था।
बताते चले, वित्त वर्ष 2019-20 में राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.6 फीसदी पर पहुंच गया था, जो सात साल का उच्च स्तर था।