सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने अब तय किया है कि ओटीटी प्लेटफार्म के कंटेंट को एमआईबी के दायरे में लाया जाए। वर्तमान में इन पर कोई पाबन्दी नहीं है लेकिन लगातार लोगों की शिकायत आ रही है।
नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम, जी5, ऑल्ट बालाजी जैसे कई ओटीटी प्लेटफार्म है जो कि सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंदर आते है।
लेकिन अब बहस छिड़ी हुई है कि इन्हे सूचना-प्रसारण मंत्रालय के तहत आना चाहिए। आपको बता दे कि देश में ओवर द टॉप प्लेटफॉर्म्स के यूजर्स की संख्या बढ़ी है।
इस कारण इन प्लेटफॉर्म्स पर कंटेट की भी बाढ़ आ गई है। कई कंटेंट को लेकर विवाद भी हुए हैं और लोगों की भावनाओं को आहत करने के आरोप लगा हैं।
ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को अपने दायरे में लेने की सूचना प्रसारण मंत्रालय की पहल के पीछे यह भी एक वजह बताई जा रही है।