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मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के विरोध में कांग्रेस का उपवास, लोकतंत्र की रक्षा का किया आह्वान

भोपाल में कांग्रेस ने राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के विरोध में एक दिवसीय उपवास रखा। कार्यक्रम में दिग्विजय सिंह, जीतू पटवारी, उमंग सिंघार सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

By: BS Yadav 
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मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के विरोध में कांग्रेस का उपवास, लोकतंत्र की रक्षा का किया आह्वान

भोपाल। कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के विरोध में बुधवार को भोपाल में कांग्रेस द्वारा एक दिवसीय उपवास कार्यक्रम आयोजित किया गया। कांग्रेस नेताओं ने इस फैसले को संविधान की भावना और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए इसका विरोध दर्ज कराया।

कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग की कार्रवाई के कारण उनकी उम्मीदवार का नामांकन निरस्त किया गया। कांग्रेस का कहना है कि यह निर्णय लोकतांत्रिक परंपराओं और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया के लिए चिंता का विषय है।

उपवास कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य कमलेश्वर पटेल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव, राज्यसभा सांसद अशोक सिंह, राष्ट्रीय सचिव एवं मध्य प्रदेश सह प्रभारी संजय दत्त सहित अनेक वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया।

इसके अलावा सांसद संजना जाटव, उषा नायडू, राष्ट्रीय सह सचिव रणविजय सिंह लोचव, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, जयवर्धन सिंह, सुखदेव पांसे, डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ, पीसी शर्मा, हनी बघेल और सचिन यादव भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस विधायक और पदाधिकारी भी शामिल हुए। पार्टी नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता और संविधान की मूल भावना की रक्षा के लिए कांग्रेस लगातार संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल एक उम्मीदवार का नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों और चुनावी पारदर्शिता की रक्षा का मुद्दा है।

कार्यक्रम के दौरान नेताओं ने लोकतंत्र, संविधान और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वे इस मुद्दे को जनता के बीच भी लेकर जाएंगे और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए आगे भी संघर्ष जारी रखेंगे।

भोपाल में आयोजित इस उपवास कार्यक्रम के माध्यम से कांग्रेस ने अपना विरोध दर्ज कराते हुए न्याय की मांग की और कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए पार्टी हर स्तर पर अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी।

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