कटनी जिले के ढीमरखेड़ा थाना क्षेत्र में डायल 112 (एफआरवी) सेवा की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों और पुलिस सूत्रों के अनुसार, आपातकालीन घटनाओं में उपयोग होने वाला वाहन तकनीकी खराबियों से जूझ रहा है, जिससे समय पर सहायता पहुंचाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, वाहन की बैटरी लंबे समय से खराब बताई जा रही है। आरोप है कि वाहन के रखरखाव की जिम्मेदारी संभाल रही संबंधित एजेंसी द्वारा समय पर मेंटेनेंस नहीं कराया जा रहा। इसके चलते कई बार सूचना मिलने पर रवाना हुई पुलिस टीम को रास्ते में ही वाहन के खराब होने की समस्या का सामना करना पड़ता है।
ढीमरखेड़ा थाना क्षेत्र का दायरा काफी बड़ा है और इसमें कई ग्रामीण इलाके शामिल हैं। ऐसे में भोपाल कंट्रोल रूम से प्रतिदिन आने वाली आपातकालीन कॉल पर त्वरित कार्रवाई करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। यदि वाहन बीच रास्ते में खराब हो जाए तो घटनास्थल तक पहुंचने में देरी हो सकती है, जिससे कानून-व्यवस्था और राहत कार्य प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आपात स्थिति में पुलिस की देरी का खामियाजा आम नागरिकों को उठाना पड़ता है। वहीं, पुलिसकर्मियों को भी वाहन की खराब स्थिति के कारण लोगों की नाराजगी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि गंभीर घटनाओं में समय पर सहायता न मिलना चिंता का विषय है।

स्थानीय ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों ने वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि डायल 112 वाहन की तकनीकी समस्याओं का जल्द समाधान कराया जाए। साथ ही संबंधित मेंटेनेंस एजेंसी की कार्यप्रणाली की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने और क्षेत्र के लिए नई या पूरी तरह से दुरुस्त एफआरवी उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई है।
फिलहाल वाहन की खराब स्थिति और मेंटेनेंस में लापरवाही के आरोपों पर संबंधित विभाग या एजेंसी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले में प्रशासनिक पक्ष आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।