भोपाल में महिला कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शोभा ओझा ने पेपर लीक मामलों, छात्रों के विरोध प्रदर्शन और छात्राओं से कथित दुर्व्यवहार के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने सरकार से मामले में जवाबदेही तय करने और निष्पक्ष जांच की मांग की।
शोभा ओझा ने आरोप लगाया कि देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों से बड़ी संख्या में छात्र प्रभावित हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि पेपर लीक की घटनाओं ने करोड़ों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है और परीक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
उन्होंने कहा कि छात्र अपने अधिकारों और भविष्य को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन उनके साथ सख्ती बरती गई। ओझा ने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई की गई, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
शोभा ओझा ने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई के दौरान कुछ सुरक्षाकर्मियों की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। उन्होंने दावा किया कि कई पुलिसकर्मियों ने पहचान संबंधी जानकारी प्रदर्शित नहीं की थी और छात्राओं के साथ कथित रूप से अनुचित व्यवहार किया गया।

महिला कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार के महिला सुरक्षा से जुड़े अभियानों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है और ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
शोभा ओझा ने मांग की कि पेपर लीक मामलों और प्रदर्शन के दौरान हुई कथित घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
फिलहाल शोभा ओझा के आरोपों पर संबंधित पक्ष की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले में सरकार या पुलिस प्रशासन की प्रतिक्रिया आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।