भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शुक्रवार को भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 2023 के विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। पटवारी ने SIR रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए चुनाव में धांधली और वोट चोरी का दावा किया तथा पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग की।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जीतू पटवारी ने कहा कि 2023 विधानसभा चुनाव में भाजपा ने कम अंतर से जीतने वाली सीटों पर वोटों में हेरफेर कर विजय हासिल की। उनके अनुसार प्रदेश की करीब 60 सीटों पर भाजपा 35 हजार से लेकर एक लाख वोटों के अंतर से जीती, जिसमें कथित रूप से वोट चोरी की गई। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में लगभग 50 लाख फर्जी वोट पाए गए, जबकि कांग्रेस करीब 30 लाख वोटों के अंतर से चुनाव हार गई।
जीतू पटवारी ने कहा, “यह सिर्फ हार-जीत का मामला नहीं है, यह लोकतंत्र की चोरी है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस मुद्दे को केवल राजनीतिक आरोप तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि इसकी निष्पक्ष जांच के लिए न्यायिक प्रक्रिया की मांग करेगी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में पटवारी ने कांग्रेस की आगामी संगठनात्मक रणनीति का भी ऐलान किया। उन्होंने बताया कि 1 जनवरी से 15 फरवरी के बीच पूरे प्रदेश में संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए व्यापक पुनर्गठन किया जाएगा। इसके तहत हर पंचायत में पंचायत समिति और हर वार्ड में वार्ड समिति का गठन किया जाएगा। साथ ही मंडल स्तर पर नए मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति की जाएगी, ताकि गांव से लेकर जिला स्तर तक संगठन को मजबूती मिले।
जीतू पटवारी ने कांग्रेस का नया नारा भी प्रस्तुत किया- “पोलिंग बूथ चलो, गांव चलो”। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाना और पार्टी को गांव-गांव तक मजबूत करना है।
इस दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस में हरीश चौधरी भी मौजूद रहे, जिन्हें “व्हाइट कांग्रेस” का प्रभारी बताया गया। कांग्रेस नेतृत्व ने संकेत दिया कि पार्टी 2023 के चुनावी मुद्दों को लेकर आक्रामक राजनीति करेगी और 2026 से पहले संगठन को जमीनी स्तर पर खड़ा करने की दिशा में तेजी से काम करेगी।
कुल मिलाकर, भोपाल से कांग्रेस की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस ने प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जीतू पटवारी के इन आरोपों पर भाजपा क्या प्रतिक्रिया देती है।