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MP News: प्रधानमंत्री मोदी को सोमनाथ के गौरव की पुनर्प्रतिष्ठा के लिए बधाई – CM डॉ. यादव

विदिशा जिले के गंजबासौदा के पास उदयपुर गांव में स्थित नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर भारतीय स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण है। इसकी नक्काशी खजुराहो शैली से मिलती-जुलती है।

By: Abhinav Tiwari 
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MP News: प्रधानमंत्री मोदी को सोमनाथ के गौरव की पुनर्प्रतिष्ठा के लिए बधाई – CM डॉ. यादव

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विदिशा जिले के बासौदा क्षेत्र में स्थित उदयपुर के प्राचीन एवं भव्य नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने भगवान शिव का दूध, दही और पंचामृत से अभिषेक कर श्रद्धापूर्वक आराधना की।

सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण का काल : मुख्यमंत्री

मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति की प्रतिष्ठा को पुनः स्थापित करने का ऐतिहासिक कार्य निरंतर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम, उज्जैन में महाकाल महालोक और वाराणसी में काशी विश्वनाथ धाम की भव्यता आज पूरी दुनिया को भारत की सांस्कृतिक शक्ति का संदेश दे रही है।

2026 बनेगा सोमनाथ स्वाभिमान पर्व

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनवरी 1026 में महमूद गजनी द्वारा सोमनाथ मंदिर पर आक्रमण कर उसे ध्वस्त किया गया था। वर्ष 2026 में उस आक्रमण के 1000 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। इसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में वर्ष 2026 को “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” के रूप में मनाया जाएगा। यह पर्व सनातन संस्कृति की ध्वजा को अनंत ऊँचाइयों तक ले जाएगा और भारत की सांस्कृतिक चेतना को और सशक्त करेगा।

उन्होंने कहा कि हजार वर्षों के संघर्ष और उतार-चढ़ाव के बावजूद सोमनाथ मंदिर आज भी अपने गौरव और भव्यता के साथ खड़ा है, जो भारतीय सभ्यता की सहनशीलता और पुनरुत्थान का प्रतीक है।

प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों को बताया ऐतिहासिक

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमनाथ मंदिर के गौरव को पुनर्प्रतिष्ठित करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देते हुए कहा कि यह कार्य अतीत के घावों को स्मरण करते हुए भविष्य के भारत को सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने भारत की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर और अधिक मजबूती से स्थापित किया है।

नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर को भव्य बनाने का आश्वासन

मुख्यमंत्री ने कहा कि उदयपुर स्थित नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर लगभग 1000 वर्ष पुराना, ऐतिहासिक और अत्यंत सुंदर मंदिर है। इस अद्भुत पुरातात्विक धरोहर को धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यटन और शोध की दृष्टि से भी सशक्त बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए सभी आवश्यक कार्य किए जाएंगे तथा इसे आर्कियोलॉजी में रुचि रखने वाले जिज्ञासुओं के लिए ज्ञान और शोध का केंद्र बनाने का प्रयास किया जाएगा।

नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर की प्रमुख विशेषताएं

विदिशा जिले के गंजबासौदा के पास उदयपुर गांव में स्थित नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर भारतीय स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण है। इसकी नक्काशी खजुराहो शैली से मिलती-जुलती है। यहां प्रत्येक वर्ष महाशिवरात्रि पर पांच दिवसीय भव्य मेले का आयोजन होता है। मंदिर की एक अनोखी विशेषता यह है कि सूर्य की पहली किरण सीधे शिवलिंग पर पड़ती है, जो इसे आध्यात्मिक और खगोलीय दृष्टि से भी विशिष्ट बनाती है।

जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति

पूजन-अर्चना के दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, जिले के प्रभारी मंत्री  लखन पटेल, सागर सांसद  लता वानखेड़े, कुरवाई विधायक हरि सिंह सप्रे, बासौदा विधायक  हरि सिंह रघुवंशी, विदिशा विधायक मुकेश टंडन सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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