महाराष्ट्रके मुख्यमंत्री और शिवसेना के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से खास मुलाकात की। कई देर तक दोनों के बीच बातचीत हुई। मुलाकात के बाद सीएम ठाकरे ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) पर मोदी सरकार का समर्थन किया और कहा कि, सीएए से किसी भी धर्म के लोगों को कोई डरने की आवश्यकता नहीं है। न ही यह किसी धर्म के खिलाफ है।
महाराष्ट्र में एनसीपी, शिवसेना और कांग्रेस की गंठबंधन सरकार है। सीएम उद्धव ठाकरे ने सीएए का समर्थन दिया है जिसके बाद गंठबंधन में खटास आ सकती है। क्योंकि एक ओर जहां एनसीपी और कांग्रेस नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रहे हैं और खुलकर विरोध भी जता चुके हैं तो दूसरी ओर शिवसेना इसके समर्थन में है। ऐसे में दिखता है कि महाराष्ट्र में साझा सरकार में कहीं न कहीं आपसी मतभेद बना हुआ है।
बता दें कि, सीएए को देशभर में विरोध हो रहा है, इस दौरान केंद्र सरकार पर कांग्रेस ने इस कानून को लेकर जमकर निशाना साधा, वहीं, एनसीपी भी लगातार इसे संविधान विरोधी बता रही है, लेकिन महाराष्ट्र में शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस की गठबंधन वाली शिवसेना सरकार ने इस कानून का समर्थन किया है, जिसे लेकर शिवसेना और एनसीपी एक बार फिर आमने सामने हैं।
बीते मंगलवार को ठाकरे ने कहा कि, सीएम के लागू होने से किसी को परेशान होने की जरुरत नहीं है। सीएए और एनआरसी दोनों अलग-अलग हैं और एनपीआर अलग है। किसी को भी सीएए लागू होने से चिंता करने की जरुरत नहीं है। इसमें एनआरसी नहीं है और हम राज्य में इसे लागू नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि, यदि एनआरसी लागू किया जाता है तो इससे न केवल हिंदू या मुस्लिम बल्कि आदिवासी भी प्रभावित होंगे। केंद्र सरकार ने अभी तक एनआरसी पर बातचीत नहीं की है। एनपीआर एक जलगणना है और मुझे नहीं लगता कि इससे कई भी प्रभावित होगा क्योंकि यह हर दस साल में होता है।