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Ujjain: 77वें गणतंत्र दिवस पर उज्जैन से CM डॉ. मोहन यादव का राष्ट्र को संदेश

एकता, संकल्प और उत्तरदायित्व से मध्यप्रदेश-भारत को समृद्धि की ओर ले जाएंगे...

By: Abhinav Tiwari 
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Ujjain: 77वें गणतंत्र दिवस पर उज्जैन से CM डॉ. मोहन यादव का राष्ट्र को संदेश

77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर उज्जैन के कार्तिक मेला ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद प्रदेश और देशवासियों को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गणतंत्र दिवस देश की एकता, संकल्प और उत्तरदायित्व की भावना को सजीव करने का पर्व है। उन्होंने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे मिलकर मध्यप्रदेश और भारत को प्रगति व समृद्धि के मार्ग पर आगे बढ़ाएं।

ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना मध्यप्रदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश विद्युत क्षेत्र में पूर्णतः आत्मनिर्भर हो चुका है। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए प्रदेश में विद्युत उपलब्ध क्षमता में 1,806 मेगावाट की वृद्धि का कार्यक्रम बनाया गया है, जिसमें से 851 मेगावाट क्षमता पहले ही हासिल की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा के उपयोग को लगातार बढ़ाया जा रहा है। वर्ष 2012 में जहां प्रदेश की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता 491 मेगावाट थी, वहीं अब यह बढ़कर 9,508 मेगावाट हो चुकी है।

आवास और शहरी विकास में बड़ी उपलब्धि

सीएम डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के तहत मध्यप्रदेश पूर्ण आवासों के आधार पर देश के शीर्ष तीन राज्यों में शामिल है। स्वीकृत 9.5 लाख आवासों में से 8.77 लाख आवास पूरे किए जा चुके हैं। वहीं, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत 60 हजार से अधिक आवास स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों के सुनियोजित विकास के लिए इंदौर और भोपाल को मेट्रोपोलिटन क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। द्वितीय चरण में जबलपुर और ग्वालियर को भी मेट्रोपोलिटन क्षेत्र बनाया जाएगा।

विधिक सहायता और लोक परिसंपत्तियों का संरक्षण

मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों को कानूनी मदद देना सरकार का कर्तव्य है। बीते वर्ष प्रदेश में डेढ़ लाख से अधिक नागरिकों को विधिक सहायता प्रदान की गई। पारिवारिक विवाद समाधान केंद्र भी सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि लोक परिसंपत्तियों के बेहतर प्रबंधन के लिए भी राज्य सरकार द्वारा महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

हर घर नल से जल का लक्ष्य

जल जीवन मिशन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हर घर नल से जल के संकल्प को तेजी से पूरा किया जा रहा है। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक 81 लाख से अधिक घरेलू नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं और 22 हजार से अधिक गांवों में सभी घरों तक नल कनेक्शन पहुंचाया जा चुका है।

शिक्षा, संस्कृति और जनजातीय गौरव

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा-दीक्षा की जड़ें भारतीय संस्कृति और संस्कारों में गहराई से जुड़ी हैं। यह मध्यप्रदेशवासियों का सौभाग्य है कि भगवान श्रीकृष्ण ने उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में शिक्षा ग्रहण की। उन्होंने बताया कि जनजातीय नायकों की स्मृति में तीन नए विश्वविद्यालय क्रांतिसूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय, खरगोन… क्रांतिवीर तात्या टोपे विश्वविद्यालय, गुना… रानी अवंतीबाई लोधी विश्वविद्यालय, सागर… की स्थापना की गई है। साथ ही, शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए चलाए गए जागरूकता अभियानों के चलते नामांकन में 21 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है।

राजस्व और वन्यजीव संरक्षण में प्रगति

मुख्यमंत्री ने बताया कि वाणिज्यिक कर विभाग के प्रयासों से राज्य का राजस्व संग्रहण लगातार बढ़ा है। वित्त वर्ष 2023-24 में 51,469 करोड़ रुपये की तुलना में 2024-25 में 55,633 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि वन एवं वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है और इस क्षेत्र में प्रदेश की एक विशेष पहचान बनी है।

श्रीराम वन गमन पथ के सभी प्रमुख स्थलों का विकास

सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परम्परा के केन्द्र प्रभु श्रीराम के सम्मान और युवा पीढ़ी को इस गौरव की अनुभूति करवाने के लिए श्रीराम वन गमन पथ के सभी प्रमुख स्थलों का विकास करते हुए चित्रकूट को विश्व-स्तरीय धार्मिक पर्यटन स्थल का स्वरूप प्रदान करने का निर्णय लिया गया।

विकसित मध्यप्रदेश@2047

मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर “विकसित मध्यप्रदेश@2047” दृष्टिपत्र का विमोचन किया गया, जो प्रधानमंत्री श्रीमान नरेन्द्र मोदी जी के “विकसित भारत@2047” संकल्प के अनुरूप प्रदेश के दीर्घकालीन विकास की दिशा तय करेगा। खनन क्षेत्र में निरंतर सुधार, नवाचार तथा बेहतर प्रशासनिक दक्षता के लिए भारत सरकार द्वारा जारी स्टेट माइनिंग रेडिएंस इंडेक्स की कैटेगरी-ए में मध्यप्रदेश को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। वहीं विमुक्त, घुमंतु एवं अर्धघुमंतु समुदायों के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयास किए गए हैं।

संकल्प के साथ आगे बढ़ने का आह्वान

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार जनकल्याण, विकास और पर्यावरण संतुलन के साथ प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। गणतंत्र दिवस का यह अवसर हमें अपने कर्तव्यों का स्मरण कराते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की प्रेरणा देता है।

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