रिपोर्ट: सत्यम दुबे
देहरादून: सोमवार 30 अगस्त को पूरा देश, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के पावन पर्व को हर्षोउल्लास से मना रहा है। मथुरा नगरी दूल्हन की तरह सजी हुई है। वहीं श्रीकृष्ण जन्माष्टमीं पर उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने सभी प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की बधाई व शुभकामनाएं दी हैं।
आप सभी को भगवान् कृष्ण के जन्मोत्सव “श्री कृष्ण जन्माष्टमी” के पावन पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। श्रीमद्भागवत गीता के माध्यम से भगवान श्री कृष्ण द्वारा दिये गये महान सिद्धान्तों को मानव जीवन में आत्मसात करने से कर्म के क्षेत्र में सभी बाधाओं के समाधान मिलते हैं। pic.twitter.com/gHkbqUzAe6
— Baby Rani Maurya (@babyranimaurya) August 30, 2021
आपको बता दें कि सीएम धामीं ने सभी प्रदेशवासियों से कोरोना संक्रमण के मद्देनजर इसकी रोकथाम के लिए जारी दिशा निर्देशों का पालन करते हुए जन्माष्टमी का पर्व मनाने की अपील की है। वहीं राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कहा कि जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव में व्याप्त प्रसन्नता का प्रतीक है। श्रीकृष्ण ने अपने जीवन में कर्म की प्रधानता को सर्वोपरि बताया। श्रीमद भागवत गीता के माध्यम से उनके द्वारा दिए गए संदेश मानव जीवन में आत्मसात करने से कर्म के क्षेत्र की सभी बाधाओं के समाधान मिलते हैं।
समस्त देश एवं प्रदेशवासियों को श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
सम्पूर्ण जगत के पालनहार, लीलाधारी भगवान श्रीकृष्ण से सभी के कल्याण की कामना करता हूँ।
जय श्री राधे-कृष्णा !!#ShriKrishanJanmAshtami2021 pic.twitter.com/UFMVHvWssQ— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) August 30, 2021
वहीं सीएम धामीं ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने मनुष्य को निष्काम कर्म के लिए सदैव समर्पित रहने, दीन-दुखियों एवं समाज के उपेक्षित वर्ग के कल्याण का संदेश दिया। उनका जीवन संपूर्ण मानव जाति के लिए प्रेरणादायी है। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन अधर्म, अन्याय एवं अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष की प्रेरणा देता है। भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में भक्ति, ज्ञान, योग व कर्म का जो संदेश दिया है, वह आज भी प्रासंगिक है।
उत्तराखंड में भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव को हर्षोंउल्लास से मनाया जा रहा है। पिछले साल कोरोना महामारी के कारण शहर में कोई आयोजन नहीं हो सका था। लेकिन इस साल सीमित संख्या और कोरोना गाइडलाइन के साथ शहर में कई कार्यक्रम होने जा रहे हैं। पर्व को मनाने को लेकर उत्साहित हैं।