दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण किये जाने के विरोध को लेकर ज़िले के विद्युत विभाग के अधिकारी व कर्मचारियो के कार्य बहिष्कार में बैठने से विद्युत उपभोक्ताओं को खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ज़िले के तमाम इलाको में रात भर सरकारी चिकित्सालयों समेत प्रमुख जगहों पर विद्युत आपूर्ति ठप्प रहने से अँधेरा कायम रहा।
कार्य बहिष्कार कर रहे तक़नीकी अधिकारियों का कहना है कि कार्य बहिष्कार के दौरान किसी जगह की आपूर्ति बंद नहीं की गई है बल्कि जहाँ किसी कमी से विद्युत आपूर्ति ठप्प हुई है उस पर काम नहीं किया जा रहा है।
यद्यपि प्रशासन ने बाहरी तकनीकि स्टाफ लगा रखा है जो विद्युत आपूर्ति बहाल करने की कोशिश में लगा है जिसमे उनका कोई योगदान नहीं है।
उनकी मांगों तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा और शहर अंधेरे के आगोश में ही रहेगा।
दरअसल पूर्वांचल विद्युत विरतण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) के निजीकरण को लेकर उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन प्रबंधन और बिजली कर्मियों के बीच पाला खिंच गया है।
निजीकरण के विरोध में आंदोलनरत कर्मियों की चेतावनी के बावजूद समझौते का कोई रास्ता नहीं निकला और सोमवार को कर्मचारी अनिश्चितकालीन पूर्ण कार्य बहिष्कार पर चले गए।