देहरादून : मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में जो कनेक्शन दिए जा रहे हैं, उसमें निर्धारित मानकों का पूरी तरह पालन हो। जिलाधिकारी इसकी नियमित निगरानी भी रखें। पानी के नल अडंरग्राउंड किए जाय।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत निर्धारित समयावधि में लक्ष्य पूर्ण हो, इसके लिए जल संस्थान व जल निगम द्वारा प्रत्येक दिन का टारगेट निर्धारित होना चाहिए। जिलाधिकारी भी कार्यों की प्रगति बैठक समय-समय पर लेते रहें। हर घर नल एवं शुद्ध जल के लक्ष्य को जल्द प्राप्त करने के लिए संबधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। हरिद्वार एवं उधमसिंह नगर जनपदों में इस दिशा में अधिक ध्यान देने की जरूरत है।
मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने कहा कि जो नये कनेक्शन दिये जा रहे हैं, इससे डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क बढ़ जायेगा। प्रति व्यक्ति पानी की उपलब्धता में कमी न हो इसके लिए जल स्रोतों के पुनर्जीवीकरण एवं संरक्षण की दिशा में विशेष प्रयास किये जाए। अनुबंध गठन और वर्क ऑर्डर की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।
जल जीवन मिशन के तहत कार्यों में तेजी लाने के लिए ठेकेदारों की संख्या बढ़ाई जाए। आवश्यकतानुसार रजिस्ट्रेशन कैंप लगाए जाए। ऊधम सिंह नगर और हरिद्वार में इस मिशन के तहत बड़ा चैलेंज है, इन जनपदों में टारगेट समय पर पूरा हो इसके लिए अतिरिक्त स्टाफ की व्यवस्था की जाए।
सचिव नितेश झा ने बताया कि जल जीवन मिशन के ग्रामीण क्षेत्र में 14.26 लाख कनेक्शन दिये जाने हैं। जिसमें से 3.53 लाख कनेक्शन दिये जा चुके हैं। जिसमें से पिछले छह माह में 1.36 लाख कनेक्शन दिए गए। इस वर्ष चमोली, देहरादून और बागेश्वर में हर घर पानी पंहुचाने का लक्ष्य रखा गया है।
इस मौके पर शिक्षा मंत्री अरविंद पाण्डेय, अपर सचिव आशीष जोशी, जल संस्थान एवं जल निगम के अधिकारी, वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सभी जिलाधिकारी मौजूद रहे।